मनोज की मौत की खबर पर परिवार व मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के घर वाली गली में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा और लोगों का आना-जाना लगा रहा। सोमवार शाम करीब आठ बजे सफदरजंग अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हुई। इसके बाद परिजन शव लेकर खैर के लिए रवाना हुए। उनके बड़े भाई राजकुमार वर्मा ने बताया कि परिवार की मानसिक स्थिति अभी ठीक नहीं है। अधिवक्ता से विचार-विमर्श करने के बाद आगे की कार्रवाई करने पर निर्णय लिया जाएगा। घटना को लेकर कस्बे में आक्रोश देखा जा रहा है। व्यापार मंडल, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने घटना की निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
खैर कस्बा चौकी में घटना के बाद लगाए गए सीसीटीवी कैमरे
खैर कस्बा चौकी पर हुई इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। घटना के दूसरे ही दिन कस्बा चौकी पर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए। रविवार को जब यह घटना हुई तो वहां सीसीटीवी नहीं थे। इसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े हुए। जांच में उजागर हुआ कि खैर की सिर्फ कस्बा चौकी में ही सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पहले से कैमरे लगे होते तो घटना की पूरी रिकॉर्डिंग उपलब्ध रहती और उच्चाधिकारियों को जांच व स्थिति स्पष्ट करने में कम समय लगता।