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Aligarh: पुलिस चौकी में आत्मदाह करने वाले व्यक्ति की मौत, लोगों में गुस्सा, पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप

Mon, 02 Mar 2026 11:40 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

मनोज के बड़े भाई राजेंद्र वर्मा और राजीव सोनी का आरोप है कि 2006 के एससी/एसटी एक्ट के मामले में न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट को लेकर पुलिस चौकी का स्टाफ उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा था, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया है।
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मनोज वर्मा - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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खुद को आग लगाकर कस्बा खैर पुलिस चौकी में घुसे पेशे से चालक मनोज वर्मा (52) की 2 मार्च सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस खबर पर परिवार व लोगों में आक्रोश पनप गया। पुलिस भी सतर्क हो गई। हालांकि देर रात तक दिल्ली से शव आने का इंतजार किया जा रहा था।

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यह भी पढ़ें... Aligarh News: खुद को आग लगा पुलिस चौकी में घुसा व्यक्ति, दिल्ली रेफर, पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप
इस मामले में परिवार ने एक गैर जमानती वारंट के लिए पुलिस उत्पीड़न से तंग आकर मनोज के आत्मदाह करने का आरोप लगाया था। मोहल्ला उपाध्याय कस्बा चौकी के तीस मीटर दूरी पर रहने वाले मनोज शाम करीब चार बजे घर से बाजार में घूमने निकला। अचानक उसने एक रंग की दुकान के पास खड़े होकर बोतल से खुद पर पेट्रोल डाल लिया और पुरानी तहसील की सीढि़यों पर चढ़ते हुए खुद को आग लगाई। इसके बाद वह चौकी में घुस गया। पुलिसकर्मियों ने कंबल डालकर आग बुझाई। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जेएन मेडिकल कॉलेज से सफदर जंग अस्पातल के लिए रेफर कर दिया गया था।
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मनोज के बड़े भाई राजेंद्र वर्मा और राजीव सोनी का आरोप है कि 2006 के एससी/एसटी एक्ट के मामले में न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट को लेकर पुलिस चौकी का स्टाफ उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा था, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया है। पुलिसकर्मियों पर मारपीट तक का आरोप लगाया है।

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मनोज की मौत की खबर पर परिवार व मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के घर वाली गली में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा और लोगों का आना-जाना लगा रहा। सोमवार शाम करीब आठ बजे सफदरजंग अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हुई। इसके बाद परिजन शव लेकर खैर के लिए रवाना हुए। उनके बड़े भाई राजकुमार वर्मा ने बताया कि परिवार की मानसिक स्थिति अभी ठीक नहीं है। अधिवक्ता से विचार-विमर्श करने के बाद आगे की कार्रवाई करने पर निर्णय लिया जाएगा। घटना को लेकर कस्बे में आक्रोश देखा जा रहा है। व्यापार मंडल, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने घटना की निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

खैर कस्बा चौकी में घटना के बाद लगाए गए सीसीटीवी कैमरे
खैर कस्बा चौकी पर हुई इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। घटना के दूसरे ही दिन कस्बा चौकी पर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए। रविवार को जब यह घटना हुई तो वहां सीसीटीवी नहीं थे। इसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े हुए। जांच में उजागर हुआ कि खैर की सिर्फ कस्बा चौकी में ही सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पहले से कैमरे लगे होते तो घटना की पूरी रिकॉर्डिंग उपलब्ध रहती और उच्चाधिकारियों को जांच व स्थिति स्पष्ट करने में कम समय लगता।
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