अतरौली के गांव कासिमपुर गदाईपुर निवासी 28 वर्षीय त्रिदेव कुमार की ट्रेन की चपेट में आने से मृत्यु हो गई। वह घर से नौकरी की तलाश में गुजरात जाने के लिए निकला था। हादसा 25 जून को कलुआ रेलवे स्टेशन के पास हुआ था। पहचान न होने के कारण रेलवे पुलिस ने शव को अज्ञात के रूप में मोर्चरी में रखवा दिया था। सोशल मीडिया के जरिए उसकी शिनाख्त हुई।
परिजनों ने बताया है कि 28 जून को रेलवे स्टेशन क्षेत्र में मृतक का बैग और ड्राइविंग लाइसेंस मिला। इसके आधार पर पुलिस ने जानकारी दी। हालांकि, परिवार को उस समय केवल सामान मिलने की सूचना दी गई थी। मृत्यु के बारे में नहीं बताया गया था। परिजनों ने बताया है कि त्रिदेव 22 जून को नौकरी की तलाश में घर से निकले थे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया था। परिवार लगातार उनकी तलाश कर रहा था।
एक सोशल मीडिया ग्रुप पर अज्ञात शव की तस्वीर प्रसारित हुई। फोटो देखकर परिजनों ने शव की पहचान की और तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पहचान की पुष्टि होने के बाद रविवार को पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया। त्रिदेव एमएससी की पढ़ाई पूरी कर चुके थे और रोजगार की तलाश में थे। जीआरपी इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया है कि कपड़े और हुलिए आधार पर युवक की शिनाख्त परिजनों ने कर ली है।
तीन भाइयों में सबसे बड़े थे
त्रिदेव तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और अविवाहित थे। उनके छोटे भाई अमित कुमार और सौरव कुमार विवाहित हैं तथा नौकरी करते हैं। उनके पिता प्रमोद कुमार का पहले ही निधन हो चुका है। रविवार को शव गांव पहुंचा तो केपी मिस्त्री, रवेंद्रपाल सिंह, रूप सिंह पहलवान, गेंदालाल वर्मा सहित कई लोग परिजनों को ढाढ़स बंधाने पहुंचे।