सतेंद्र कुमार का अपनी पत्नी भावना से चाल चलन की लेकर विवाद रहता था। भाई चाल चलन ठीक रखने को कहता था तो पड़ोसी नरेंद्र उर्फ दीपेश, हेमंत राघव पुत्र एमएमगण संजीत राघव व शीलेंद्र पुत्र दुशासन सिंह भाभी भावना का साथ देकर सतेंद्र को प्रताड़ित करते थे। जिसके चलते अवसाद में आए सतेंद्र ने गांव के निकट जंगल में आत्महत्या कर ली।
थाना क्षेत्र के गांव गुरसिकरन में 13 दिसंबर रात एक पैंतालीस वर्षीय व्यक्ति का शव जंगल में फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। इस मामले में मृतक के छोटे भाई की ओर से अपनी भाभी समेत पड़ोसी तीन लोगों को नामजद किया गया है। वहीं पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर थाने पहुंचे परिजनों ने हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का दबाव बनाने के लिए हंगामा किया लेकिन उन्हें समझा बुझाकर लौटा दिया गया।
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गुरसिकरन गांव के सुशील पुत्र अजब सिंह राघव के अनुसार उनके बड़े भाई सतेंद्र कुमार (45) का अपनी पत्नी भावना से चाल चलन की लेकर विवाद रहता था। भाई चाल चलन ठीक रखने को कहता था तो पड़ोसी नरेंद्र उर्फ दीपेश, हेमंत राघव पुत्र एमएमगण संजीत राघव व शीलेंद्र पुत्र दुशासन सिंह भाभी भावना का साथ देकर सतेंद्र को प्रताड़ित करते थे। जिसके चलते अवसाद में आए सतेंद्र ने गांव के निकट जंगल में आत्महत्या कर ली। देर रात पता चलने पर पुलिस को सूचना दी।
14 दिसंबर दोपहर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव को एंबुलेंस से लेकर थाने पहुंच गए और आरोपियों के विरुद्ध हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने को लेकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान एसओ रवि चंद्रवाल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देकर समझाया और उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की बात कही। जिसके बाद परिजन शव को लेकर गांव चले गए, जहां अंतिम संस्कार कर दिया गया।