हत्या के बाद जब शोर मचा तो सभी आरोपी अपने घर की छत पर चढ़ गए। इसी बीच मुख्य आरोपी असद खुद ही थाने पहुंच गया। तब तक किसी ने पुलिस को खबर नहीं दी थी। असद ने वहां पहुंच करन की हत्या करके आने की बात कही। तब पुलिस उसे हवालात में डालने के बाद घटनास्थल की ओर भागी। बाद में घर से अन्य सात आरोपी हिरासत में लेकर थाने भेजे गए।
फिर सुबह से बिगड़े हालात, शाम को संभले
रात में स्थितियों को सामान्य कर लिया गया लेकिन दिन निकलते ही फिर भीड़ थाने के बाहर एकत्रित होने लगी। महिलाओं व युवकों की भीड़ के बीच से बुलडोजर कार्रवाई व फांसी की मांग गूंजने लगी। थाने के बाहर उग्र प्रदर्शन व जाम के दौरान मुरादाबाद एनएच पर पत्थरबाजी तक हुई। कई बार पुलिस से धक्कामुक्की, नोकझोंक व खींचतान के चलते टकराव के हालात बने। पुलिस विरोधी नारेबाजी होती रही। सुबह नौ बजे से शुरू हुआ घटनाक्रम 11 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचने पर ज्यादा तूल पकड़ गया। शव थाने के सामने ही एंबुलेंस में रखा रहा। शाम चार बजे एसएसपी की मौजूदगी में हुई वार्ता के बाद किसी तरह बात संभली। तब शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। तब भीड़ वहां से हटी।
इस हत्या में करन की मां की तहरीर पर इदरीश व उसके भाई नफीस खां के अलावा नफीस खां के तीन बेटे मुख्य आरोपी असद, अनश व अल्तमश, इदरीश का 17 वर्षीय नाबालिग बेटा, परिवार के 15 व 17 वर्षीय दो किशोर नामजद किए हैं। एक अज्ञात आरोपी बनाया है। सभी नामजद गिरफ्तार कर लिए गए हैं। बाकी परिवार के कुछ सदस्य व महिलाएं हिरासत में हैं। आरोपियों सहित सभी से उनकी भूमिका व साक्ष्यों को लेकर पूछताछ की जा रही थी।
करन की हत्या के बाद रात में ही सभी आठ नामजद दबोच लिए गए। अब तक की पूछताछ में पुरानी खुन्नस व एक लडक़ी को लेकर विवाद सामने आया है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। 12 अक्तूबर को दिन में भीड़ ने बुलडोजर कार्रवाई के लिए सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। उन्हें समझाकर शांत किया गया है। बाकी आगे की कार्रवाई की जा रही है।-नीरज जादौन, एसएसपी