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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मरीजों की सेवा कर रहे युवा डॉक्टर

Sat, 18 Mar 2017 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित एरिया में मरीजों की सेवा करने युवा डॉक्टर जा रहे हैं। एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस एवं एमडी कर चुके कई छात्र नक्सल एरिया में सेवा दे रहे हैं या वहां जाने पर विचार कर रहे हैं। इन युवा डॉक्टरों को सैलरी पैकेज भी आकर्षित कर रहा है। 
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इगलास क्षेत्र निवासी डॉ. अरुण चौधरी छत्तीसगढ़ के बीजापुर क्षेत्र में तैनात हैं। बीजापुर में करीब दो महीने सेवा देकर हाल ही में डॉ. आशीष माहेश्वरी लौटे हैं। वे अलीगढ़ के निवासी हैं। उनका कहना है कि उन्हें दूसरे कोर्स में एडमिशन लेना है, इसलिए वहां से वापस आए हैं।
कोर्स पूरा होने के बाद वह फिर वहां जाने पर विचार करेंगे। उन्होंने बताया कि डॉ. अरुण चौधरी अभी बीजापुर में ही हैं। डॉ. देवांश शर्मा भी बीजापुर गए थे और हाल ही में वापस आए हैं। उनका कहना है कि जेएन मेडिकल कॉलेज से उत्तीर्ण कई लोग वहां जा रहे हैं या जाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि नक्सल प्रभावित एरिया में काम करने पर करीब 1.87 लाख सैलरी मिलती है, जबकि सामान्य क्षेत्रों में वेतन 80 से 90 हजार है। 
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एएमयू रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. मुजाहिद खान ने बताया कि अच्छे वेतन की चाह में कुछ डॉक्टर वहां जाते हैं। 
नक्सल क्षेत्र में चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को पर्याप्त उपचार नहीं मिल पाता है। यह कार्य भी किसी सेवा से कम नहीं है। जेएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. तारिक मंसूर का कहना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कुछ डॉक्टरों के जाने की चर्चा सुनी थी। हालांकि उनकी संख्या आदि के बारे में कोई जानकारी नहीं है। 
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