बेटे-बिटिया की शादी का इंतजाम करना बहुत मगजमारी का काम है। छोटी से लेकर बड़ी चीज का इंतजाम करने में बड़ी मशक्कत करनी होती है। इसके बाद भी चिंता बनी रहती है कि कहीं इंतजामों में कोई कमी तो नहीं रह गई। बड़े शहरों में तो वेडिंग प्लानर इसका समाधान चुटकियों में कर देते हैं। अब अलीगढ़ जैसे छोटे-मझौले शहरों में भी वेडिंग प्लानरों की मदद लेने का चलन बढ़ता जा रहा है। बस आप उन्हें अपना बजट बताइए वे कुशलता से शादी-ब्याह का इंतजाम कर देते हैं।
शादी, मंडप, खाना, नाश्ता से लेकर बैंड, डीजे, म्यूजिक पार्टी, आर्केस्ट्रा से लेकर सजावट, मेहमानों के रुकने आदि की सारी जिम्मेदारी वेडिंग प्लानर की रहती है। पारस ज्योति मैरिज होम एवं ज्योति टेंट हाउस के संचालक संजय मेहरोत्रा के अनुसार अपने शहर के अलावा दूसरे शहरों में भी जाकर रिंग सेरेमनी से लेकर हल्दी, मेेहंदी, महिला संगीत और शादी के साथ ही रिशेप्सन आदि के कार्यक्रम की बुकिंग की जा रही है। शादी में आने वाले मेहमानों की संख्या के अनुसार तमाम तरह की रस्मों के लिए वेडिंग प्लानरों की मदद ली गई है। दूल्हे-दुल्हन के परिधानों, विवाह स्थल पर होने वाली सजावट, फ्लोरिस्ट और डेकोरेटर, बाराती, रिश्तेदारों के ठहरने और नाश्ते और खाने के इंतजाम, फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर, बैंड, डीजे, आर्केस्ट्रा आदि की व्यवस्था उन्हीं के जिम्मे है। थीम शादियों के प्रबंधन की अच्छी मांग है। दिल्ली, मुंबई, जयपुर, उदयपुर, बॉलीवुड स्टाइल शादी की तैयारी की गई है। उन्होंने बताया कि खाने की एक प्लेट की कीमत एक हजार रुपये से लेकर 15 हजार रुपये तक है। इसमें ही विवाह स्थल से लेकर सजावट तक खर्च शामिल रहता है। एक अच्छी शादी पर 20 से 25 लाख रुपये का खर्च आ रहा है।
दिवाली के बाद अब शादी-ब्याह के लिए बाजार हुए गुलजार
विवाह के शुभ मुहूर्त
चार नवंबर को देव प्रबोधिनी देवोत्थान एकादशी, 28 नवंबर, 02 दिसंबर, 03, 04, 09, 07, 08, 09 एवं 14 दिसंबर।
देवोत्थान एकादशी अर्थात 4 नवंबर से शादी-ब्याह विवाह के शुभ मुहूर्त एवं अन्य शुभ कार्यो की भी विधिवत रूप से शुरुआत हो जाएगी। हालांकि, इस बार सहालग काफी कम हैं। इसलिए देवोत्थान के दिन शहर और देहात क्षेत्र में करीब 2000 से अधिक नए जोड़े विवाह के पवित्र बंधन में बंधेंगे। इस साल दस शुभ एवं अनबूजे मुहूर्त हैं। बाजार भी गुलजार है। व्यापारी, गार्डन होटल संचालक, कैटरिंग, हलवाई एवं सजावट करने वालों के चेहरे खिल गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि कोरोना के बाद पहली बार ठीकठाक संख्या में शादियां होंगी। ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा के अनुसार इस वर्ष शुभ विवाह के नौ तारीखें एवं एक अनबूझे मुहूर्त सहित कुल दस विवाह महूर्त हैं। चार नवंबर से देवोत्थान एकादशी से सभी शुभ कार्यों पर लगा ब्रेक समाप्त हो जाएगा।
होटल, फार्म हाउस, मैरिज होम सब हैं फुल
शहर में ए-ग्रेड के करीब 50 होटल एवं मैरिज होम हैं। 250 बैंक्वेट हॉल, 20 फार्म हाउस, 250 छोटे-बड़े मैरिज होम हैं। देवोत्थान एकादशी के दिन सभी बुक हैं।
बैंड-बाजा वाले भी अच्छी बुकिंग से चहक रहे
शादियों की भरमार रहने से बैंडबाजे वालों की भी दो से तीन शिफ्टों में एडवांस बुकिंग हो चुकी है। शहर के मां दुर्गा बैंड के संचालक पवन गुप्ता ने बताया कि इस बार नई ड्रेस के साथ ही नए वाद्य यंत्र लाए गए हैं। एलईडी लाइट में झूमर, छतरी एवं विक्टोरिया स्टाइल की बग्घी की खूब मांग हैं।
बाजारों में रौनक बढ़ी
शहर के प्रमुख बाजार रेलवे रोड, महावीरगंज, बड़ा बाजार, सेंटर प्वाइंट, मैरिस रोड समेत तमाम बाजारों में विवाह की खरीद जोरों पर है। कोरोना के बाद पहली बार इस बार व्यापारियों के चेहरे खिले हैं। ग्राहकों की इतनी भीड़ है कि फुर्सत ही नहीं मिल रही है। दुल्हा, दुल्हन के अलावा परिजन इन दिनों खरीदारी में खूब व्यस्त हैं।
टैक्सी के दाम भी बढ़े
देवोत्थान एकादशी पर सहालग होने के कारण टैक्सी की बुकिंग महीनेभर पहले से हो चुकी हैं। ऐसे में लोगों ने अपनी रिश्तेदारी में जाने के लिए ट्रेवल एजेंसी से संपर्क साधा तो टैक्सी के दाम काफी बढ़ा दिए गए।
मदारगेट स्थित मां दुर्गे बैंड के यहां रिहर्सल करते कर्मचारी।- फोटो : CITY OFFICE