अमर उजाला अपराजिता की योग शाला में योग करतीं छात्राएं
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स्वस्थ तन, मन और मस्तिष्क के जरिए महिलाएं अपराजिता बन सकती हैं। घरेलू कार्य के साथ तन और मन को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए योग के कुछ आसान से आसन अपना कर स्वयं को फिट रखा जा सकता है। ऐसे ही टिप्स से मंगलवार को महिलाएं योग की कार्यशाला में परिचित हुईं।
अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत कस्बे के बरौली रोड स्थित विवेकानंद इंटर कॉलेज में मंगलवार को योग की कार्यशाला लगी। महिलाओं और बच्चाें के साथ पुरुषों ने भी योग की इस कार्यशाला में भाग लिया। खासतौर पर महिलाओं को घरेलू कार्यों के साथ तन और मन को स्वस्थ रखने के लिए योग के विभिन्न आसन कराए गए।
- व्यस्ततम जीवनशैली के बीच योग की कार्यशाला में पहुंचकर योग के जरिए शरीर को फिट रखने के लिए बहुत कुछ सीखने को मिला। कार्य के साथ योग भी शरीर के लिए बेहद जरूरी है। - डॉ. प्रीति सूद।
- गृहस्थ जीवन में समय का बहुत अभाव होता है। इसके बाद भी समय निकाल कर स्वयं योग करने के साथ ही परिवार के सदस्याें को भी योग करने के लिए प्रेरित करूंगी। - पायल गोयल।
- बच्चों का मन पढ़ाई में लगे इसके लिए बताए गए योग के तरीके बेहद अच्छे लगे। बच्चों को प्रतिदिन योग कराऊंगी। साथ ही सभी बच्चों को योग करने के लिए प्रेरित करूंगी। - खुशबू गुप्ता।
- योग की कार्यशाला से काफी प्रभावित हुआ हूं। स्वयं योग करने के साथ विद्यालय के बच्चों को भी योग के लिये प्रेरित करूंगा ताकि वह भी शारीरिक व मानसिक रूप से फिट रहें। - सुबोध आचार्य, प्रबंधक।