हया को भारत की शपथ दिलाते जिला अधिकारी अविनाश कुमार
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लंबी कानूनी प्रक्रियाओं के बाद आखिरकार यमन मूल की हया नजमुद्दीन को भारतीय नागरिकता मिल गई है। कलक्ट्रेट में 3 सितंबर को जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने उन्हें भारत सरकार द्वारा जारी नागरिकता प्रमाणपत्र सौंपा। आधिकारिक रूप से देश की नागरिकता की शपथ दिलाई।
हया का पारिवारिक ताना-बाना कई देशों से जुड़ा हुआ है। उनके पिता नजमुद्दीन यमन के नागरिक हैं, जबकि मां जेबा भारतीय मूल की हैं जो अलीगढ़ के दोदपुर की रहने वाली हैं। हया का जन्म सऊदी अरब में हुआ था। जन्म के कुछ समय तक वह माता-पिता के साथ यमन में रहीं, लेकिन साल 1996 में वह अपनी मां के पास अलीगढ़ आ गईं और तब से यहीं रह रही हैं। अलीगढ़ आने के बाद हया ने यहीं अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की और इसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) से अर्थशास्त्र में एमए की डिग्री हासिल की।
हया ने बताया कि अब तक भारत में लॉन्ग टर्म वीजा (एलटीवी) के सहारे रह रहीं थी। वीजा नियमों के कारण उन्हें हर साल अपने दस्तावेजों का नवीनीकरण कराना पड़ता था। भारत में अपनी मां के पास स्थायी रूप से रहने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए उन्होंने वर्ष 2019 में भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था।
पिछले सात साल तक लगातार विभिन्न औपचारिकताओं और दस्तावेजों को पूरा करने के बाद आखिरकार उनका यह इंतजार खत्म हो गया। नागरिकता मिलने के बाद बेहद खुश नजर आईं हया ने अपनी इस सफलता में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों, खासकर ईडीएम मनोज राजपूत और अन्य अधिकारियों के विशेष सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है।
अभी लंबित हैं 41 आवेदन
अलीगढ़ में नागरिकता संबंधी 41 आवेदन लंबित हैं। इसमें से 38 आवेदन ऐसे हैं जो तीन वर्ष से अधिक अवधि से लंबित हैं। जबकि तीन आवेदन ऐसे हैं जो एक वर्ष से तीन वर्ष की अवधि में लंबित हैं। इन पर विचारण की प्रक्रिया जारी है।