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18 साल तक पंकज बन कर रहा निकला यामीन

Sat, 03 Nov 2018 06:50 PM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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18 साल तक पंकज बन कर रहा निकला यामीन - फोटो : Dig Vishal
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18 साल पहले बहन की शादी पर अपने ही परिवार से ऐसी नाराजगी हुई कि हमेशा के लिए नाता तोड़ लेने के इरादे से आगरा का रहने वाला यामीन अलीगढ़ चला आया और पुरानी पहचान मिटा दी। वह यहां 18 साल तक पंकज बनकर रहा और घर लौटने का रास्ता भूल चुका था। लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। पिछले दिनों बारहद्वारी पर जाम में फंसे यामीन के चाचा के लड़के ने उसे चाय की दुकान पर कोयले तोड़ते देख लिया और पहचान लिया। इसके बाद हुए नाटकीय घटनाक्रम के बाद थाना देहली गेट पुलिस ने यामीन उर्फ पंकज को उसके परिजनों को सौंप दिया।
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सन 2000 के आसपास आगरा की नाई की मंडी के रहने वाले यामीन पुत्र इस्माइल खां की बहन की शादी अलीगढ़ में शाहजमाल में हुई थी। इसके कुछ दिनों बाद यामीन का परिवार वालों से कुछ विवाद हो गया। इससे यामीन इस कदर आहत हुआ कि आगरा छोड़ कर अलीगढ़ चला आया। वह बहन के यहां जाना चाहता था, लेकिन रास्ता भटक गया। परिवार से भी नाराजगी ऐसी थी कि उसे घर लौटना गवारा नहीं था। यामीन ने पुरानी पहचान मिटाते हुए पंकज नाम से अपनी पहचान बनाई और बारहद्वारी पर चाय की दुकान पर काम करने लगा। वह यहीं पर रच बस गया।

इस तरह 18 साल गुजर गए। यामीन की तलाश करते-करते उसके माता पिता की मृत्यु हो गई और परिवार भी उसे भूल गया, लेकिन वक्त को कुछ और ही मंजूर था। गत दिनों यामीन के चाचा का लड़का अलीगढ़ किसी काम से आया। वह ई रिक्शा में बैठा था। बारहद्वारी पर जाम लगा था। जाम में फंसे चाचा के लड़के ने उसे देखा तो पहचान गया। पहले तो यामीन ने अपनी पुरानी पहचान नहीं बतायी।
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इस पर चाय वाले और अन्य दुकानदारों का वहां विवाद भी हो गया। बाद में पूरी सूचना समाजवादी पार्टी मजदूर सभा के प्रदेश सचिव इकरार अहमद को दी गई। उन्होंने थाना देहली गेट पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में पंकज से पूछताछ हुई तो उसने सच्चाई बता दी। इसके बाद यामीन जब अपने कुनबे के लोगों से मिला तो दोनों की आंखों में आंसू आ गए। थाना देहली गेट प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पूरी छानबीन और पुष्टि करने के बाद यामीन को उसके चाचा के लड़के की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। यामीन के विषय में आगरा में गुमशुदगी भी दर्ज थी। 
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