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किसानों ने एक्सईएन आविप के यहां काटा हंगामा

Thu, 12 May 2016 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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किसान - फोटो : महीपाल ‌सिंह
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आवास विकास परिषद की रामघाट योजना-13 से प्रभावित किसानों ने बुधवार को परिषद के एक्सईएन कार्यालय में खूब हंगामा काटा। परियोजना से जुड़े जमीन के मामले के निस्तारण के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट में बैठक होनी थी। यह बिना बताए रद्द कर दी गई थी। इससे दूरदराज से पहुंचे किसानों में गुस्सा फूट गया। उन्होंने एक्सईएन को घेर लिया। बुधवार को बैठक कराना सुनिश्चित होने के बाद ही किसानों ने एक्सईएन कार्यालय छोड़ा।   
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आवास विकास परिषद ने क्वार्सी, चिलकौरा और देवसैनी गांव की सैकड़ों बीघा जमीन केे अधिग्रहण की प्रक्रिया 17 फरवरी 1984 से लंबित है। इसको लेकर किसान आंदोलन करते आ रहे हैं। प्रकरण के निस्तारण को लेकर 11 मई को कलेक्ट्रेट में बैठक बुलाई गई थी।
दिल्ली, नोएडा, मेरठ आदि स्थानों से किसान इसमें भाग लेने कलेक्ट्रेट पहुंचे तो वहां एसएलओ एके त्रिपाठी के अलावा कोई नहीं था। किसान एडीएम वित्त से मिले। एडीएम ने जानकारी की तो पता चला कि एक्सईएन मुकेश यादव ने बिना बताए बैठक रद्द कर दी है। गुस्साए किसान आवास विकास परिषद पहुंच गए। वहां एक्सईएन से खूब नोकझोंक हुई। एक्सईएन का कहना था कि डीएम ने बैठक निरस्त कराई है। किसानों ने यह लिखित में मांगा तो एक्सईएन चुप्पी साध गए।
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हंगामा बढ़ते देख एक्सईएन ने एडीएम सिटी से बात की। बुधवार को 12 बजे कलेक्ट्रेट में बैठक करने की घोषणा की। इसके बाद किसान लौटे। इसमें किसान संघर्ष समिति के नेता राजकुमार एड, भगवती प्रसाद शर्मा, ओमवीर सिंह, रामवीर सिंह, सुनील कुमार, सत्यप्रकाश, दलवीर सिंह, चंद्रपाल शर्मा, अशोक कुमार गुप्ता, आदि मौजूद रहे।
 एक्सईएन ने 10 जुलाई तक प्रस्ताव भेजने का किया था वादा
 अलीगढ़। क्वार्सी, चिलकौरा और देवसैनी गांव के किसानों ने तीन जुलाई को क्वार्सी पैंठ में परिवार की महिलाओं और बच्चों के पड़ाव डाल दिया था। इस आंदोलन से प्रशासन के हाथ पैर फूल गए थे। आवास विकास परिषद के एक्सईन मुकेश यादव ने पूर्व विधायक विवेक बंसल, जाट महासभा के अध्यक्ष इं. रामसिंह, विजेंद्र सिंह, भाकियू के उपाध्यक्ष नत्थू सिंह, सांसद प्रतिनिधि नत्थी सिंह, उदयभान सिंह की मौजूदगी में  किसान संघर्ष समिति के नेता एडवोकेट राजकुमार सिंह और महापंचायत की अध्यक्षता कर रहे मास्टर ओमवीर सिंह ने वार्ता की। एक्सईएन ने 10 जुलाई तक का समय मांगा था। वह दस जुलाई तक वर्तमान भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज देंगे। पहले चरण में खाली भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। दूसरे चरण में जमीन पर जो मकान बन चुके हैं उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा उन पर विकास कर लगाया जाएगा।
बैठक बिना बताए कैंसिल कर दी गई थी। आवास विकास परिषद 150 से अधिक काश्तकार की 62 एकड़ ओपन जमीन को लेना चाहता है। एसई ने दुगने सर्किल रेट देने की बात कही है। हम इस मामले का आपसी समझौते से हल चाहते हैं।
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राजकुमार एड., नेता किसान संघर्ष समिति
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