कस्बे के रामलीला मैदान में सोमवार को श्री रामलीला समिति की ओर से कुश्ती दंगल आयोजित किया गया। इसमें कई राज्यों से आए पहलवानों ने दमखम दिखाया। 71 हजार रुपये की अंतिम कुश्ती भारत पहलवान घांघोली और हरिओम पहलवान तिरवाया के बीच बराबरी पर छूटी।
दंगल में 31 हजार रुपये की एक, 21 हजार की तीन, 11 हजार की तीन, 5,100 रुपये की करीब एक दर्जन, 3,100 रुपये की लगभग 15 और 1,100 रुपये की करीब 20 कुश्तियां हुईं। महिला पहलवानों ने भी मुकाबले किए। जोड़े वीरेन्द्र सिंह उर्फ मामा और डॉ. मुनेश चौधरी सहित अन्य लोगों की देखरेख में तय हुए। निर्णायक डॉ. उदय सिंह और जुगेन्द्र सिंह पहलवान दमुआका रहे।
दंगल का उद्घाटन चौधरी शिवचरन सिंह और दिगंबर सिंह ने संयुक्त रूप से किया। अध्यक्षता सांसद सतीश गौतम ने की। अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह उर्फ लाला, रामगोपाल शर्मा, ऋषिपाल सिंह (ब्लॉक प्रमुख पति), खैर चेयरमैन संजय शर्मा, राजबाबू शर्मा और सूरज चौधरी रहे। संचालन अजीत सिंह और चौधरी अरुण कुमार उर्फ चिंटू नंबरदार ने किया।
गांवों से निकलती हैं बड़ी खेल प्रतिभाएं
उद्घाटनकर्ता चौधरी शिवचरन सिंह ने कहा कि कुश्ती, कबड्डी और वॉलीबॉल जैसे खेल ग्रामीण क्षेत्रों की परंपरा हैं। इनके लिए बड़े स्टेडियम की जरूरत नहीं होती। मेहनत और लगन से गांवों के खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
शिक्षा के साथ खेलों को दें बढ़ावा
सांसद सतीश गौतम ने अभिभावकों से बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलों में भी आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों की प्रतिभा निखरेगी और वे क्षेत्र, जिले, प्रदेश व देश का नाम रोशन कर सकेंगे। इस अवसर पर प्रदीप बंसल चेयरमैन, दिनेश कुमार एडवोकेट, विशाल अग्रवाल, पवन ऐलन, देवेंद्रपाल सिंह, सुधीर गर्ग, मुकुल गर्ग आदि मौजूद रहे।