कलेक्ट्रेट में परिवार के साथ पहुंची चौमुहां निवासी रश्मि।
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गुजरे गुरुवार को जब पूरे देश में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा था। भाई बहन की रक्षा करने की संकल्प ले रहे थे तो उसी दौरान रश्मि अपने भाई हरेंद्र की जान बचाने के लिए किडनी दान करने के लिए भटक रही थी। अतरौली के गांव चौमुंहा की ये बहन अपने भाई को बचाने के लिए हर कीमत पर किडनी दान करने को तैयार है।
रश्मि अपने परिजनों के साथ सोमवार को जिला अंग प्रत्यारोपण समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी राजमणि यादव से मिलने कलक्ट्रेट पहुंची। डीएम के प्रतिनिधि एडीएम फायनेंस डा.वीके सिंह को अपना प्रार्थना पत्र देकर लौट गई। जिला अंग प्रत्यारोपण समिति के नोडल अफसर एवं जिला मलेरिया अधिकारी राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि किडनी दान देने के इस मामले में बुधवार को डीएम की अध्यक्षता में होने वाली समिति की बैठक में निर्णय होगा।
एडीएम से मुलाकात के दौरान डिस्टेंस एजूकेशन से बीकॉम कर रही गांव चौमुहां अतरौली निवासी 22 वर्षीय रश्मि ने बताया कि उसके पिता अनार सिंह किसान हैं। परिवार में दो भाई और चार बहनें हैं। इनमें 27 वर्षीय हरेंद्र की इंफेक्शन की वजह से दोनों किडनी खराब हो गई हैं। उसका इलाज जयपुर के एक चिकित्सक के यहां चल रहा है। चिकित्सक ने किडनी ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी। जब उसने स्वयं किडनी देने की बात कही तो उसे जिला स्तरीय अंगप्रत्यारोपण समिति से एनओसी लाने को कहा गया।