मंगलायतन विश्वविद्यालय में औद्योगिक उन्मुखीकरण पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी, सीडीओ अंकित खंडेलवाल, कुलपति प्रो. पीके दशोरा, ज्वाइंट कमिश्नर उद्योग वीरेंद्र कुमार, प्रो. केवीएसएम ने शुभारम्भ किया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। वहीं स्टार्टअप के लिए जागरुक किया।
नौकरी करना कठिन नहीं है, नौकरी देने वाला बनना कठिन
पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी ने कहा कि सिविल सेवा को स्टेटस बनानी की आवश्यकता नहीं है। यदि आपने समय रहते उद्यमिता को अपना लिया, तो आप रोजगार देने वाले होंगे। नौकरी करना कठिन नहीं है, नौकरी देने वाला बनना कठिन है। युवा चुनौतियों को स्वीकार करें, क्योंकि किनारे बैठने से मोती नहीं मिला करते।
प्रो. केवीएसएम कृष्णा ने कहा कि उद्यमी बनने के लिए योजनाओं की जानकारी रखना आवश्यक है। आप आज मेहनत करेंगे तो कल आपका सुनहरा होगा। ज्वाइंट कमिश्नर उद्योग वीरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के माध्यम से 50 लाख तक का ऋण उद्योग स्थापित करने के लिए दिया जाता है। मुख्यमंत्री युवा स्वराज योजना में 18 से 42 साल के युवा योजना का लाभ ले सकते हैं, इसमें मिलने वाले ऋण पर 25 फीसद तक अनुदान दिया जाता है।
कार्यशाला में ये रहे मौजूद
कार्यशाला में प्रशासनिक अधिकारी गोपाल राजपूत, प्रो. सिद्धार्थ जैन, राजेश पंचासरा, दीपशिखा शर्मा, प्रो. उल्लास गुरुदास, डा. कुमुदनी पवार, डा. रेखा रानी, टीएस राजपूत, सुखपाल सिंह, शिशुपाल सिंह, गुलशन बंसल, मोहित अग्रवाल, सचिन, कुमकुम, ज्ञानेंद्र जादौन, अब्दुल कलाम, शगुन, गौरी, तनु, जाहन्वी, पल्लवी, दयाशंकर, वैष्णवी आदि मौजूद रहे।