फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिचौलियों, प्लांट संचालक की कारगुजारी की रिपोर्ट तैयार

विज्ञापन
विज्ञापन
राधा ऑक्सीजन गैस प्लांट प्रकरण में प्रशासनिक जांच पूरी हो गई है। सोमवार को डीएम चंद्रभूषण सिंह को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। प्रशासनिक गलियारों से संकेत मिले हैं कि इस रिपोर्ट में बिचौलियों, कलक्ट्रेट लिपिक, प्लांट स्वामी दंपती को समान रूप से दोषी बताया गया है। इन सभी को कारगुजारी में संलिप्त पाया गया है। आपसी विवाद होने पर इनके खेल का भंडाफोड़ हुआ है।
विज्ञापन

एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने जांच के लिए मुख्य आधार प्लांट स्वामी आस्था अग्रवाल की तहरीर को माना है। उन्होंने जो आरोप एमएलसी डा. मानवेंद्र सिंह, बरौली विधायक पौत्र विजय सिंह उर्फ पप्पू के समक्ष वीडियो कैमरे के सामने लगाए हैं, उक्त वीडियो व एक व्यक्ति द्वारा बिचौलिए की प्लांट पर प्रशासनिक व्यवस्था संभालने के नाम पर की बात की वीडियो को भी इस जांच में शामिल किया है।
साथ ही चालान बुक (ऑक्सीजन वितरण विवरण पुस्तिका) का भी अध्ययन किया गया है, उसमें भी जांच के दौरान कुछ खामियां पाई गई हैं। उन खामियों का भी उल्लेख जांच रिपोर्ट में है। ओवर रेटिंग की शिकायत पर भी जांच की गई। इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है। एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने जांच पूरी कर ली है। बंद लिफाफे में डीएम के समक्ष सोमवार यानी आज इसे प्रस्तुत किया जाएगा।
विज्ञापन

वायरल हुए ऑडियो भी संरक्षित
राधा प्लांट प्रकरण के दौरान जो तमाम ऑडियो वायरल हुए, उनको भी एक पेन ड्राइव में संरक्षित किया गया है। हालांकि इस जांच रिपोर्ट में इन ऑडियो को कोई ठोस सुबूत या आधार नहीं माना गया है। इसके पीछे का कारण प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जांच अपने मुख्य मुद्दे से न भटके इसलिए इनको शामिल नहीं किया गया है। ऑडियो उनके निजी विवाद के हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें