पुरानी पेंशन नीति बहाल करने समेत नौ मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी, शिक्षक, शिक्षणेतर कर्मचारियों का बुधवार से तीन दिन के लिए कार्य बहिष्कार आंदोलन आरंभ हो गया। इसके कारण सरकारी विभागों में कामकाज ठप हो गया तो स्कूलों में भी शिक्षण कार्य नहीं हुआ। मात्र कलक्ट्रेट में कर्मचारी सामान्य दिनों की तुलना में काम करते नजर आए। कर्मचारियों ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच उत्तर प्रदेश के बैनर तले कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन कर सरकार को जमकर कोसा।
कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के अध्यक्ष सुधीर शर्मा व संयोजक डा.नरेश कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार ने 2004 से और प्रदेश सरकार ने 2005 से पुरानी पेंशन बंद कर दी है। जो नई पेंशन नीति लाई गई है, वह कर्मचारियों और शिक्षकों के हित में नहीं है। पुरानी पेंशन नीति बहाल करने के लिए ही आंदोलन किया जा रहा है। मंच के नेता उदयराज सिंह ने बताया कि इस कार्य बहिष्कार में परिषद से संबद्ध सभी कर्मचारी संगठन शामिल हैं। हमें पुरानी पेंशन से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। इस मौके पर मुकेश सिंह, इं वीके गुप्ता, राधेश्याम, शकुंतला देवी, हरज्ञान सिंह, सुभाष बाबू, नरेश चंद, शिवकुमार चौहान, चेतन राज, जयपाल सिंह, वीरेंद्र पाल सिंह, राजेद्र, कैलाश चंद उपस्थित थे।
इन विभागों में कामकाज रहा ठप
श्रम विभाग, सेवायोजन कार्यालय, आरटीओ, विकास भवन, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, कृषि, कोषागार, वाणिज्यकर विभाग, बांट-माप विभाग, सिंचाई विभाग। इसके अलावा कलक्ट्रेट को छोड़कर सभी सरकारी कार्यालयों में काम नहीं होगा। इसके अलावा पहली से 12वीं तक के स्कूलों में पढ़ाई।
कर्मचारियों की हड़ताल से भटकते रहे लोग
आरटीओ दफ्तर में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर बुधवार को तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार प्रारंभ कर दिया है। इससे कार्यालय का कार्य भी ठप पड़ गया है। बुधवार सुबह से ही लोग अपने कार्य को लेकर कार्यालय पहुंच गए। लेकिन यहां हड़ताल देख अपना कार्य करने की जुगत फंसाने लग गए। लेकिन जब सभी कर्मचारियों ने हड़ताल का समर्थन कर कार्य करने से इंकार कर दिया तो लोग खाली हाथ घर लौट गए। संभागीय परिवहन कर्मचारी संघ ने अध्यक्ष राजकुमार शम्मी व मंत्री संजय चतुर्वेदी के नेतृत्व में सुबह एकत्रित होकर कार्य बहिष्कार किया। कार्यालय परिसर में धरना देकर प्रदर्शन किया। इसके बाद अपनी मांगों को लेकर संभागीय इसके बाद सभी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर संभागीय परिवहन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बुधवार को कार्यालय में कार्य ठप पड़ गया। लोग इधर से उधर अपने कार्य को लेकर भटकते रहे। लेकिन अंत में उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।