अलीगढ़ (ब्यूरो)। ताबड़तोड़ कार्रवाई, बिना पैसे के काम न करने और नियमों के विरुद्ध काम लेने के विरोध में कर्मचारियों ने सोमवार को डीपीआरओ को घेर लिया। कर्मचारी नेताओं की अधिकारी के साथ खूब कहासुनी हुई। नेताओं में गुस्सा इस बात का था कि नियम न होने के बाद भी ग्राम पंचायत सचिव और सफाई कर्मियों से बाबू का काम लिया और कार्रवाई भी कर दी। कर्मचारियों ने 15 दिन में कार्रवाई वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के संरक्षक उदयराज सिंह, अध्यक्ष डॉ. नरेश कुमार, कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुरेंद्र पाल, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष प्रेमपाल शर्मा, मंत्री सुदेश हितैषी, ग्राम विकास अधिकारी संघ के रामवीर सिंह, सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मुकेश मल्होत्रा आदि कर्मचारी नेता कर्मचारियों के साथ विकास भवन में स्थित डीपीआरओ कार्यालय पहुंच गए। डीपीआरओ परवेज आलम के कक्ष में घुस गए। कुछ बाहर नारेबाजी करने लगे।
उदयराज सिंह, डा. नरेश कुमार, सुरेंद्र सिंह और डीपीआरओ के बीच शब्द युद्ध होने लगे। उदयराज का कहना था कि वह नियम विरुद्घ मौखिक आदेश देकर कर्मचारियों को अपने कार्यालय अटैच कर रहे हैं। सेक्रेटरी लोकमानदास से बाबू का काम क्यों लिया गया। अवैध आदेश के पालन को दबाव को कार्रवाई की जा रही है।
कर्मचारी नेताओं का आरोप था कि गांव में जाने वाले सफाई कर्मचारियों को बिना नोटिस -चेतावनी के निलंबित किया जा रहा है। जो सफाई कर्मी अधिकारियों के आवासों पर काम कर रहे हैं उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। एसीपी के लिए पैसे मांगे जा रहे हैं। उत्पीड़न के शिकार सेक्रेटरी और सफाई कर्मचारियों के उदाहरण दिए गए। डीपीआरओ का कहना था कि उनको सरकारी कार्य करने के लिए जो जरूरी लगता है वह कदम उठा रहे हैं। कार्रवाई ड्यूटी ठीक से न करने वाले कर्मचारियों पर ही की गई है। प्रदर्शन में संजीव पहलवान, हृदेश भारद्वाज, सुरजीत, गुड्डू चौहान, अवधेश सिंह, भूपेंद्र सिंह आदि भी मौजूद रहे।