ट्रेन में बैठने के लिए जाती श्रमिक मजदूरों की भीड़।
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कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन के दौर से फंसे ईंट भट्ठा मजदूरों का अपने घरों की ओर पलायन करने का सिलसिला जारी है। सोमवार को एक स्पेशल ट्रेन से बिहार के गया जिले के लिए 1720 ईंट भट्ठा मजदूरों को रवाना किया गया।
इधर, मजदूरों को भट्ठों से जंक्शन तक आने का सिलसिला लोडिंग वाहनों में ही जारी रहा। सोशल डिस्टेंसिंग की भी खूब धज्जियां उड़ीं। इसके साथ ही लापरवाही की हद तो तब रही जब श्रमिकों की बिना थर्मल स्क्रीनिंग किए ही उनको ट्रेन में बैठा दिया गया।
जिला प्रशासन की ओर से ईंट भट्ठा संचालकों की मांग पर ट्रेनों की व्यवस्था रेलवे के माध्यम से कराई जा रही है। शुरुआत से ही मजदूरों को भेजने में नियमों की अनदेखी की जा रही है। कोरोना से महामारी से भी सबक न लेते हुए मजदूरों को लोडिंग वाहनों मे ठूंसकर स्टेशन तक लाया जा रहा है। स्टेशन पर भी अब इनकी थर्मल स्क्रीनिंग तक होना बंद हो गई है। ट्रेन में मजदूर को बैठाने के लिए आरपीएफ और जीआरपी के जवान मौजूद रहे।