मजदूर की मौत के बाद प्रदर्शन करतीं महिलाएं
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अलीगढ़ के महुआ खेड़ा क्षेत्र में शटरिंग का काम कर रहे मजदूर की करंट से मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने बरौला पुल के पास शव रखकर बाईपास पर जाम लगा दिया। परिवार के समर्थन में सपाई आ गए। इसके बाद मौके पर पहुंचे आला अधिकारियों ने उन्हें समझाकर जाम खुलवाया।
बन्नादेवी के बरौला क्षेत्र निवासी 35 वर्षीय जितेंद्र शुक्रवार को महुआ खेड़ा के तालसपुर गांव में निर्माणाधीन मकान में शटरिंग फिट करने गया था। देर शाम काम करने के दौरान मकान के ऊपर से गुजर रही 11 केवी की लाइन से उसका सिर छू गया। करंट की चेपट में आकर ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कुछ ही देर में पुलिस और जितेंद्र के परिजन घटना स्थल पर पहुंच गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद शटरिंग ठेकेदार भाग निकला।
पुलिस ने शनिवार को पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। दोपहर को शव लेकर परिजन बरौला पुल के पास पहुंचे। वहां स्थित बाईपास पर शव रखकर यातायात जाम कर दिया और प्रदर्शन करते हुए मुआवजे की मांग करने लगे। इस दौरान बाईपास पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई। दोनों और वाहनों की लंबी-लंबी कतार लग गई। बाईपास पर जाम लगने की सूचना पर बन्नादेवी पुलिस व प्रशासनिक टीम पहुंच गई।
भाकियू नेताओं के अलावा सपा नेता अज्जू इशहाक, लक्ष्मी धनगर आदि भी पहुंच गए। सपाइयों की ओर से परिवार को मुआवजे की मांग का समर्थन किया गया। इंस्पेक्टर बन्नादेवी व अन्य पुलिस अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को समझाया कि मामले में रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को दी जाएगी, उसके आधार पर ही निर्णय होगा। साथ ही मुकदमे की निष्पक्ष जांच व कार्रवाई का भरोसा दिलाया, तब कहीं जाकर आक्रोशित परिजन शांत हुए। इसके बाद वह शव लेकर चले गए। इंस्पेक्टर बन्नादेवी के अनुसार इस मामले में मुआवजे पर प्रशासनिक स्तर से निर्णय लिया जाएगा।