विरोध करती महिलाओं को रोकते इंस्पेक्टर।
- फोटो : neeraj
नागरिकता संशोधन कानून व एएमयू के छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में बृहस्पतिवार को पांचवें दिन कथित भारत बंद के आह्वान के कारण शहर में तनाव चरम पर रहा। मगर, भारत बंद बेअसर रहा। बाजार पूरी तरह खुले। कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह जीवनगढ़ से प्रदर्शन करते हुए निकलीं महिलाओं ने केला नगर चौराहे पर पुलिस द्वारा रोके जाने पर ईंट-पत्थर फेंक दिए।
पुलिस ने महिलाओं को लाठियां फटकाकर खदेड़ दिया और एक पूर्व पार्षद सहित दो महिलाओं व एक युवक को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। वहीं, समाजवादी पार्टी के कलक्ट्रेट पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के मद्देनजर जिला प्रशासन ने किलेबंदी कर रखी थी। एक तरफ एएमयू सर्किल से, दूसरी तरफ तस्वीर महल से और तीसरी ओर शमशाद मार्केट से बैरियर लगाकर किसी को भी कलक्ट्रेट की ओर जाने की अनुमति नहीं थी।
कलक्ट्रेट मार्ग पर दुकानें व होटल भी बंद करवा दिए गए थे। सपाइयों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके चलते सपाइयों के दो खेमे तस्वीर महल चौराहे पर ही प्रदर्शन कर और ज्ञापन देकर लौट गए। अब प्रशासन ने शुक्रवार की तैयारी शुरू कर दी है।
जुमे की नमाज पर भीड़ एकत्रित होने को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। इंटरनेट सेवाओं पर अगले 24 घंटे के लिए प्रतिबंध बढ़ा दिया गया है। वहीं, नेताओं को पाबंद करते हुए नोटिस भेजे जा रहे हैं। डीएम चंद्रभूषण सिंह व एसएसपी आकाश कुलहरि ने दिनभर जगह-जगह शांति समितियों की बैठकें कीं। एडीजी जोन अजय आनंद व डीआईजी डॉ.प्रीतिंदर सिंह भी सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते रहे।
शहर के हालात सामान्य बने रहें, इसके लिए पुलिस प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। लोगों से अपील है कि किसी के बहकावे या उकसावे में न आएं। अगर किसी के विषय में इस तरह की जानकारी मिलती है तो पुलिस को अवगत कराएं। रहा सवाल कानून का तो इसे लेकर जो भी भ्रांतियां हैं पहले उसकी बारीकियां समझ लें। जो भी समस्याएं हैं, उनसे प्रशासन को अवगत कराएं। उसे दूर कराएं। अगर कानून हाथ में लेते हैं तो फिर फोर्स अपना काम करेगा।-डॉ.प्रीतिंदर सिंह डीआईजी रेंज