नगर निगम में नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर महिलाओं से ठगी की गई। इतना ही नहीं आवास दिलवाने, टावर लगवाने और बैंक से कर्ज दिलवाने के नाम भी ठगा गया। पीड़ित महिलाओं की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करते हुए रोरावन थाना पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ लिया। इनमें से एक को कुछ देर बाद छोड़ दिया गया, जिस पर पीड़ित महिलाएं थाने के गेट पर धरने पर बैठ गईं।
इस पर रोरावर थाना प्रभारी सुशील कुमार योगी ने जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाकर उन्हें शांत कराया। इसके बाद महिलाएं अपने घरों को लौटीं। रोरावर थाना क्षेत्र के अयोध्यापुरी कॉलोनी निवासी शुरभि शर्मा पत्नी विजय कुमार शर्मा ने बताया कि करीब दो साल पहले दुर्गेश कुमारी पत्नी प्रदीप पाठक से एक निजी बैंक के कार्यक्रम में मुलाकात हुई थी।
इसके बाद से दुर्गेश कुमारी का उनके घर आना-जाना हो गया। उसने अपने पति प्रदीप पाठक को नगर निगम का कर्मचारी बताकर नगर निगम में चतुर्थश्रेणी कर्मचारी की नौकरी लगवाने का झांसा दिया और छह लाख रुपये ठग लिए। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया।
वह नियुक्ति पत्र लेकर नगर निगम पहुंची तो अधिकारियों ने उसे फर्जी होने के बारे में बताया। आरोप लगाया कि दुर्गेश कुमारी और उसके पति ने हाथरस और बुलंदशहर में भी फर्जी नियुक्ति पत्र देकर महिलाओं से लाखों की ठगी की है।
इसी तरह की ठगी का शिकार नीतू पाठक पत्नी दुरवेंद्र पाठक निवासी लोधा नगर थाना रोरावर, लाेकेश सारस्वत, डॉली चौधरी, दुर्वेश, विमलेश पत्नी राजकिशोर, पिकीं पत्नी अंबरीश, आशा शर्मा पत्नी शैलेंद्र कौशिक निवासी केवीआर काॅलोनी जलालपुर थाना रोरावर, शिल्पी पत्नी महेंद्र सिंह निवासी हरदासपुर थाना लोधा ने आरोप लगाया कि बैंक ऋण, नौकरी लगवाने, सरकारी आवास दिलवाने, टावर लगवाने के नाम पर आरोपियों ने उनसे ठगी की है। मामले में प्रदीप पाठक, उसकी पत्नी दुर्गेश कुमारी और एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।