उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित टप्पल ब्लॉक के महिला समूहों से जुड़ी महिलाएं गांव में घर-घर जरूरत का कृषि उत्पाद पहुंचाएंगी। इसमें बीज, कीटनाशक, फफूंदनाशक, पशु आहार आदि शामिल है। पीपीपी मोड के तहत इस बाबत समूह की महिलाओं बैठक बुलाई गई। इसमें कंपनी के विशेषज्ञों ने पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, फसल रोग निदान एवं उपचार से जुड़ी सेवाओं की जानकारी दी।
एक छत-एक समाधान योजना के तहत महिला समूहों को मजबूत बनाते हुए गांवों में घर बैठे ही खेती-बाड़ी से जुड़े लोगों को उनकी जरूरत की चीजें मुहैया कराने की यह योजना है। कार्यक्रम में बीएमएम आजीविका मिशन, ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया और देहात की टीम मौजूद रही।
एडीओ आईएसबी योगेंद्र कुमार ने कहा कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ीं टप्पल ब्लॉक की सभी 14,000 महिलाओं को अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य है। यह महिललाएं गांव की मजबूत आर्थिक इकाई बन सकें, इसका प्रयास है।
कंपनी की ओर से जुगेंद्री, सुमन, रमन एवं कमलेश देवी ने बताया कि टप्पल की समूह दीदियों की यह कंपनी प्रदेश की सबसे अधिक टर्नओवर करने वाली और राज्य की मॉडल एफपीओ बनने की दिशा में अग्रसर है। यह पहल न केवल ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि करेगी, बल्कि उन्हें सशक्त कृषि उद्यमी के रूप में स्थापित भी करेगी। देहात डीजीएम अंकुर श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।