हाजीपुर गांव में गणतंत्र दिवस पर निकलने वाली ट्रैक्टर यात्रा का रिहर्सल करतीं महिला किसान
- फोटो : अमर उजाला
तीनों कृषि कानूनों के विरोध में गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में होने वाले ट्रैक्टर परेड को लेकर महिला किसान भी एकजुट हो रही हैं। सोमवार को उन्होंने कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी की और ट्रैक्टर चलाकर गणतंत्र दिवस की परेड का पूर्वाभ्यास किया।
धनीपुर ब्लाक के गांव हाजीपुर में हुई किसान मजदूरों की सभा का संचालन करते हुए कमलेश यादव ने कहा कि महिलाएं किसान आंदोलन में परिवार के साथ डटी हैं। दिल्ली की तरह ही जिले में भी महिलाएं ट्रैक्टर चलाकर किसान परेड का संचालन करेंगी। नीलम सिंह ने कहा कि महिलाएं इस आंदोलन की अग्रिम पंक्ति में हैं।
कासगंज से आईं महिला ग्राम प्रधान रूबी सिंह ने कहा कि आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी 80 फीसदी है। सभा के पश्चात महिला किसानों ने गणतंत्र दिवस पर किसान परेड के लिए ट्रैक्टर चलाकर पूर्वाभ्यास किया। इस दौरान महिलाओं ने नारेबाजी की। उधर एटा से चलाकर दिल्ली की ओर जा रहा किसानों का जत्था शहर को पार खुर्जा की ओर रवाना हो गया।
सपा नेता रुबीना खानम ने दिया समर्थन
किसान महिला दिवस पर भारतीय किसान यूनियन भानु के तत्वावधान में खैर में महिला किसान सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड का मुद्दा छाया रहा। सपा नेता रुबीना खानम ने आंदोलन मेें शामिल महिलाओं को समर्थन देने की घोषणा की। कहा कि आज तीन काले कृषि कानूनों के विरोध में किसान भाई दिल्ली में धरने पर बैठे है। इसमें महिला किसानों के योगदान को भुलाया नही जा सकता। 26 जनवरी को अलीगढ़ जनपद से हजारों महिला किसान ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली परेड में शामिल होंगी। इस मौके पर भाकियू के जिला महासचिव जितेंद्र शर्मा समेत अन्य वरिष्ठ नेता एवं बड़ी संख्या में महिला किसान मौजूद रहीं।