2011 से पति से अलग महिला बच्चों को लेकर मायके में रह रही है। अब उसने जब मायके की संपत्ति में से हिस्सा मांगना शुरू किया तो उसका उत्पीड़न शुरू हो गया। दो दिन पहले उसे मां, बाप, भाई-बहन ने मारपीट कर बच्चों व सामान सहित घर से निकाल दिया।
अलीगढ़ महानगर के गांधीपार्क क्षेत्र के अचल रोड पन्नागंज के बाहर एक परिवार में 23 मई सुबह से चल रहा विवाद शाम को हंगामे में बदल गया। मायके में संपत्ति के लिए महिला अपने दोनों बच्चों को लेकर घर के बाहर धरने पर बैठ गई। इस बीच उसने हंगामा करते हुए जाम लगाने का प्रयास किया। खबर पर पहुंची पुलिस देर रात तक समझाने में लगी थी।
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पन्नादेवी के रमेश चंद्र की बेटी सुनीता के अनुसार उसकी शादी कानपुर में हुई थी। मगर कुछ वजहों से 2011 से पति से अलग बच्चों को लेकर मायके में रह रही है। अब उसने जब मायके की संपत्ति में से हिस्सा मांगना शुरू किया तो उसका उत्पीड़न शुरू हो गया। दो दिन पहले उसे मां, बाप, भाई-बहन ने मारपीट कर बच्चों व सामान सहित घर से निकाल दिया। वह चाचा के घर में रात को रुकी। अगले दिन घर के बाहर तख्त पर रही। उस रात बहनोई ने आकर उसके साथ अभद्रता करते हुए मारने की कोशिश की।
इसी क्रम में 23 मई सुबह से वह दरवाजे पर ही जमी रही। मगर उसे अंदर नहीं जाने दिया गया। शाम को उसने धरना शुरू कर जाम लगाने का प्रयास करते हुए हंगामा कर दिया। वहीं महिला ने अपने मायके पक्ष व बहनोई आदि के खिलाफ तहरीर दी है। जिस पर वह मुकदमे की जिद पर अड़ी रही। आखिरकार मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीओ द्वितीय राजीव द्विवेदी के अनुसार प्रकरण पारिवारिक है। महिला को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।