इस घटना में थाना व चौकी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल खड़ा हो रहा है कि जब पहली सूचना चौकी तक पहुंची तो क्यों संज्ञान नहीं लिया गया। रविवार रात भर महिला कहां रही? उसके साथ क्या हुआ? इसके बाद सोमवार देर रात पड़ोसी प्रधान ने खबर दी और महिला को थाने लाया गया तो आरोपियों तक क्यों नहीं पहुंचा गया। अब वीडियो अधिकारियों तक पहुंचने पर पुलिस हरकत में आई है। इस बीच क्या आरोपियों को भागने या बचाव करने का मौका दिया गया।
मुरादाबाद की महिला के परिवार ने झाड़ा पल्ला
महिला की पहचान मुरादाबाद निवासी के रूप में हुई है। थाना पुलिस ने उसके परिवार से संपर्क किया है। मगर बकौल कोतवाल परिवार की ओर से यह कहकर पल्ला झाड़ा गया है कि वह मानसिक रूप से कमजोर है। आए दिन घर से इसी तरह निकल जाती है। इसलिए वे अब इसे लेने आने को तैयार नहीं हैं। मगर थाने से पुलिस की एक टीम उसके घर भेजी जा रही है। ताकि परिवार के किसी सदस्य को यहां बुलाकर लाया जा सके।
महिला की पहचान कर उसके परिवार से संपर्क किया गया है। महिला को मानसिक कमजोर बताया गया है। वायरल वीडियो के आधार पर छेड़खानी व मारपीट आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश जारी है। थाना व चौकी स्तर पर हुई लापरवाही की भूमिका भी देखी जा रही है। उसी अनुसार कार्रवाई होगी। - पलाश बंसल, एसपी देहात