अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी पॉलीटेक्निक के एक शिक्षक ने आधी रात में घर में घुसकर बदसलूकी और गाली-गलौज करने का आरोप सिविल लाइन थाने के इंस्पेक्टर पर लगाया है। बिना विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना दिए कैंपस में प्रवेश कर शिक्षक के साथ बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद शिक्षकों की गोलबंदी शुरू हो गई है। दिलचस्प पहलू यह है कि सिविल लाइन थाने के इंस्पेक्टर ने शिक्षक के आरोप को खारिज कर दिया है।
यूनिवर्सिटी पॉलीटेक्निक के एसोसिएट प्रोफेसर शमशाद अली ने एएमयू टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों से शिकायत की है कि बीती रात करीब 12:45 बजे उनके मेडिकल कॉलोनी (एएमयू कैंपस) स्थित आवास पर इंस्पेक्टर अमित कुमार पहुंचे और उनके साथ दुर्व्यवहार और गाली-गलौज की। इससे उन्हें मानसिक रूप से गहरा आघात हुआ है।
अमुटा के महासचिव प्रो. नजमुल इस्लाम ने इस घटना की निंदा की है और कुलपति को पत्र लिखकर जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया है। शिक्षक नेता ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचित किए बिना कैंपस में शिक्षक के घर में पुलिस के जाने पर गहरा एतराज जताया है। उनका कहना है कि यदि पूछताछ करनी थी तो प्रॉक्टोरियल टीम को साथ लेकर जाना चाहिए। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि इंस्पेक्टर अमित कुमार ने इस घटना से अनभिज्ञता जतायी और शिक्षक के घर जाने से इंकार किया है।
उनका कहना है कि लगातार दबिश अभियान चल रहा है। उन्हें नहीं पता है कि शिक्षक के घर कौन गया है। वह पता करेंगे कि शिक्षक के घर कौन गया है। शिक्षक शमशाद अली द्वारा प्रॉक्टर ऑफिस में भी कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। प्रॉक्टर इस तरह की किसी सूचना से अनभिज्ञता जता रहे हैं। चर्चा है कि पुलिस अधिकारी शिक्षक के पुत्र की तलाश में उनके घर तक पहुंचे थे।