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ऑटोमोबाइल सेक्टर : कर्मचारियों को वेतन देने को तैयार, बशर्ते सरकार दे आर्थिक पैकेज

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लॉक डाउन में ऑटोमोबाइल्स सेक्टर को भी आर्थिक चोट पहुंची है, जिससे कर्मचारियों को वेतन देने में ऑटोमोबाइल्स शोरूम संचालकों को वेतन देने में दुश्वारी हो रही है। हालांकि, शोरूम संचालकों का कहना है कि अपने कर्मचारियों को वेतन देने को तैयार हैं, लेकिन सरकार उन्हें आर्थिक पैकेज दे दे।
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पहले ऑटोमोबाइल्स सेक्टर को बीएस-4 व 6 ने रुलाया। अब लॉक डाउन ने उनके कारोबार को जोर का झटका धीरे से दिया है। महीने भर से शोरूम बंद है, जिससे आर्थिक संकट पैदा हो गया है। ऐसी सूरत में कर्मचारियों को वेतन देने में दुश्वारी आ रही है। जैसे-तैसे मार्च का वेतन कर्मचारियों को दे दिया, लेकिन अप्रैल का वेतन देने का जुगाड़ नहीं बन पा रहा है। शोरूम संचालकों का मानना है कि यदि सरकार पहल करे तो कर्मचारियों को 25-30 फीसदी वेतन देने पर विचार किया जा सकता है।
चार पहिया के शोरूम पर करीब 30-35 लाख रुपये खर्च आते हैं, जबकि कर्मचारियों का वेतन, शोरूम का किराया, बिजली बिल अलग है। वहीं, दो पहिया के शोरूम पर करीब 30-35 लाख रुपये खर्च आते हैं, जबकि कर्मचारियों का वेतन, शोरूम का किराया, बिजली बिल अलग है। वाहनों की बुकिंग भी लोगों ने कैंसल करा दी। उधर, कुछ कर्मचारियों ने भी हालात को देखते हुए अपने मालिकों के साथ खड़े हो गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इतनी तनख्वाह मिल जाए, जिससे उनके घर का चूल्हा जल जाए और परिवार का भरण पोषण हो जाए।
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शोरूम संचालक के बोल
मैं भी चाहता हूं कि हमारे स्टाफ के घर का चूल्हा हमेशा जलता रहे। इसलिए सरकार को आर्थिक पैकेज के बारे में सोचना होगा। सरकार पहल करे तो 25-30 फीसदी वेतन कर्मचारियों को देने पर विचार किया जा सकता है।
-अमन राठी, निदेशक, विनीत ऑटोमोबाइल्स
ऑटोमोबाइल्स सेक्टर में केंद्र सरकार से आर्थिक पैकेज की मांग करता हूं। सरकार की मदद से कर्मचारियों को वेतन देने में आसानी हो सकेगी। लॉक डाउन से आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। वेतन को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है।
-सुुमित अग्रवाल, निदेशक, देव मोटर्स
कर्मचारियों को वेतन देने की समस्या तभी सुलझ सकती है, जब? सरकार इस दिशा में अपना दिल बड़ा करके आर्थिक पैकेज देगी। मार्च में पूरा वेतन दे दिया गया, लेकिन अप्रैल का वेतन देने में अब आर्थिक समस्या आ रही है।
-संजय सिंह, निदेशक, अलीगढ़ ऑटोमोबाइल्स
मोदी सरकार को ऑटोमोबाइल्स सेक्टर को आर्थिक पैकेज देना चाहिए, जिससे कर्मचारियों को वेतन दिया सके और उनके घर में चूल्हा जल सके। मेरी कोशिश रहेगी कि कर्मचारियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
-विकास चौधरी, निदेशक, विकास ऑटोमोबाइल्स
सभी चाहते हैं कि उनके स्टाफ को वेतन मिले। मैं भी चाहता हूं कि मेरे कर्मचारियों को भी वेतन मिले। फिर भी इसमें सरकार से मांग करूंगा कि वह ऑटोमोबाइल्स सेक्टर को आर्थिक पैकेज दे, जिससे वेतन देने में आसानी हो।
-शलभ मित्तल, निदेशक, शिवा ऑटोमोबाइल्स
कर्मचारियों को वेतन को लेकर जो समस्याएं आ रही हैं, उस पर केंद्रीय सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। सरकार सहयोग करेगी, तो हम लोग भी अपने कर्मचारियों को सहयोग कर सकेंगे। उन्हें पूरा वेतन मिले, इस पर सरकार सोचे।
-प्रतुल अग्रवाल, निदेशक सीएलएमएल नेक्सा प्राइवेट लि.
कंपनी ने मांगा कर्मचारियों के वेतन का लेखा-जोखा
देव मोटर्स के संचालक सुमित अग्रवाल ने कहा कि लॉक डाउन में उनकी कंपनी ने कर्मचारियों के वेतन का लेखा-जोखा मांगा है। हो सकता है कंपनी भी कर्मचारियों को आर्थिक रूप से मदद देने की कोई रणनीति बना रही हो।
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