दुबे पड़ाव स्थित चाय की दुकान पर चुनावी चाय पर चर्चा करते हुए स्थानीय लोग बोले कि स्वच्छ छवि के प्रत्याशी को ही वोट करेंगे। नहीं तो नोटा का विकल्प चुनेंगे। पिछले लोकसभा चुनावों में काफी वोट नोटा को मिले थे। लोगों में नोटा को लेकर जागरूकता आ रही है। अगर इसी प्रकार लोगों का समर्थन नोटा को मिलता रहा तो पार्टियां स्वच्छ छवि वालों को ही टिकट बांटा करेंगी।
चुनावी चाय पर चर्चा करते हुए ललित कुमार ने कहा कि पार्टियां चुनावों में अपने-अपने तरीकों से पार्टी को जिताने के लिए टिकट तो बांट देती हैं। लेकिन यह नहीं देखतीं कि संबंधित प्रत्याशी स्वच्छ छवि का है या नहीं। स्वच्छ छवि के प्रत्याशी को ही वोट करूंगा। नहीं तो नोटा का विकल्प भी है। नवरत्न वार्ष्णेय ने कहा कि शहर की जाम और गंदगी जैसी समस्याएं अभी बरकरार हैं। सफाई पर काम हुआ है, लेकिन अभी बहुत बाकी है। इन समस्याओं का निदान कराने वाले ही प्रत्याशी को अपना वोट देंगे। विजय दिवाकर ने बताया कि वोट मांगने के बाद प्रत्याशी अगर चुनाव जीत जाएं तो जनता की नहीं सुनते हैं। ऐसे लोगों की अब पहचान हो चुकी है। अगर फिर से वोट मांगने आए तो खरी खोटी सुनाएंगे। संदीप व दिनेश ने कहा कि शहर विधानसभा की विभिन्न समस्याएं हैं। इनमें जगह-जगह हो रहे जाम और सीवरेज की समस्या सबसे महत्वपूर्ण है। सालों पुरानी सीवर लाइन हमेशा लबालब रहती हैं। बारिश में सड़कों पर घंटों तक पानी भरा रहता है। वाहन खराब हो जाते हैं। जो प्रत्याशी नई सीवरेज व्यवस्था के लिए काम करेगा। उसी को वोट देंगे। सुनील व ललित भारत ने कहा कि सभी समस्याओं के निदान के साथ स्वच्छ छवि का प्रत्याशी होना जरूरी है। अगर स्वच्छ छवि का प्रत्याशी नहीं मिला तो नोटा को वोट करेंगे।