खटीकान मोहल्ले में सांप्रदायिक झगड़े के शिकार दलित युवक गौरव के परिजनों के आंसू पोंछने का वक्त भले ही अब तक प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को नहीं मिला।
राज्यपाल राम नाईक ने जरूर पीड़ित परिवार को मिलने का वक्त देकर उनके जख्मों पर मरहम लगाने का प्रयास किया है, को सहलाने की कोशिश की है। न्याय की उम्मीद के साथ शुक्रवार रात को गौरव के परिजन हिंदू जागरण समिति के नेताओं के साथ राज्यपाल से मिलने रवाना होंगे। शनिवार को मुलाकात का समय मिला है।
खटीकान मोहल्ले के गौरव की हत्या भैया दूज के दिन सांप्रदायिक तत्वों ने कर दी थी। उसके बाद से शहर का माहौल गरम है। 22 वर्षीय गौरव ही कमाकर बुजुर्ग विधवा मां एवं बहन समेत परिवार की गाड़ी को आगे बढ़ा रहा था।
इसलिए उसकी हत्या के बाद से ही रिश्तेदार एवं भाजपा द्वारा गौरव को दादरी के अखलाक की तरह 45 लाख रुपये व अन्य सुविधाएं की मांग की जा रही है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन एवं सपा नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलवाने का भरोसा दिलाया गया जो अब तक संभव नहीं हो सका है।
धर्म जागरण समिति के सह संयोजक सौरभ चौधरी ने गौरव के परिजनों को मिलवाने के लिए राज्यपाल राम नाईक से समय मांगा था।
सौरभ चौधरी ने बताया कि राज्यपाल ने शनिवार को मिलने का समय दिया है। गौरव की मां विमला देवी, छोटा भाई नितिन, ततेरा भाई राजेश खन्ना, विजुअली चैलेंज्ड बहादूर सिंह एवं पूर्व पार्षद भगत सिंह समेत अन्य 8 लोग शुक्रवार रात में मगध एक्सप्रेस से राजभवन के लिए रवाना होंगे।
सौरभ चौधरी का कहना है कि वे लोग राज्यपाल से न्याय और दादरी की तरह मुआवजा दिलाने की गुहार लगाएंगे। उन्होंने बताया किया राज्यपाल से विज़ुअली चैलेंज्ड बहादुर सिंह को मिलवाएंगे ताकि उन्हें पता चले कि दंगे में कैसे निर्दोष लोगों पर एफआईआर दर्ज किया गया है।
यह भी बताएंगे कि कैसे प्रशासन एवं नेता के दबाव में निर्दोष लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। राजनीतिक गलियारे में भी इस मुलाकात को अहम माना जा aरहा है।