प्रो नईमा खातून एएमयू की कुलपति
- फोटो : एएमयू वेबसाइट
एएमयू लगातार इतिहास रचता जा रहा है। पहले कार्यवाहक कुलपति शौहर ने शिक्षा मंत्रालय से नियुक्त कुलपति बीवी को कार्यभार सौंपा। अब बीवी कुलपति हैं, जबकि उनके शौहर सह कुलपति हैं। यह भी देश में संचालित केंद्रीय विश्वविद्यालयों के इतिहास में पहला मामला है।
यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर कुलपति प्रो. नईमा खातून की तस्वीर और उनका शैक्षिक अनुभव अपलोड कर दिया गया है। साथ ही उनके शौहर प्रो. मोहम्मद गुलरेज को वेबसाइट पर सह कुलपति दिख रहा है। दरअसल, बुधवार को यूनिवर्सिटी परिसर में कुलपति की नियुक्ति के बाद सह कुलपति नहीं रहेगा, यही चर्चा दिनभर होती रही है। कुछ लोगों ने इस बारे में एएमयू के विधि जानकारों से राय भी ली गई तो बताया गया कि जब नए कुलपति की नियुक्ति हो जाती है, तब सह कुलपति के रूप में कार्यरत व्यक्ति स्वत: हटा माना जाता है।
वीमेंस कॉलेज के प्राचार्य बने प्रो. मसूद
वीमेंस कॉलेज की प्राचार्या रहीं प्रो. नईमा खातून के एएमयू की वीसी बनने के बाद वीमेंस कॉलेज के नए प्राचार्य की घोषणा कर दी गई। एएमयू के अरबी विभाग और वीमेंस कॉलेज में वरिष्ठ प्रोफेसर मसूद अनवर अल्वी को इसी कॉलेज का प्राचार्य बनाया गया है।
प्रो. अल्वी पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से शिक्षण और अनुसंधान में लगे हुए हैं। उन्होंने पूर्व में नदीम तरीन हाल के संस्थापक प्रोवोस्ट, सहायक प्रॉक्टर, अध्यक्ष, साहित्यिक और सांस्कृतिक सोसायटी, सुलेमान हॉल और मुख्य परीक्षा अधीक्षक, कला संकाय सहित विभिन्न प्रशासनिक क्षमताओं में भी कार्य किया है। प्रो. अल्वी को नवा-ए-मीर पुरस्कार, 1997 और इम्तियाज-ए-मीर पुरस्कार, 1993 (अखिल भारतीय मीर अकादमी, लखनऊ), सात पुस्तकों पर उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी पुरस्कार, एक पुस्तक पर बिहार उर्दू अकादमी पुरस्कार मिल चुका है।