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Aligarh: खुरपी-सुए से गोदकर पत्नी की हत्या में एएमयू के माली को उम्रकैद, बेटे को मारने ले पहुंचा था ट्रैक पर

Tue, 19 May 2026 10:25 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

जिस कमरे में यह हत्या हुई। उस कमरे में आसिफ आठ महीने पहले ही किराये पर रहने पहुंचा था। हत्या के बाद वह एक टिर्री चालक को यह कहकर लाया कि कमरा खाली करना है। सामान लेकर जाना है। इसके पीछे उसकी मंशा शव को कमरे में ही छोड़कर सामान सहित भागने की मानी गई।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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अलीगढ़ महानगर के क्वार्सी के मौलाना आजाद नगर में खुरपी व सूए से गोदकर पत्नी की नृशंसतापूर्वक हत्या के दोषी एएमयू के माली मोहम्मद आसिफ को उम्रकैद से दंडित किया गया है। खास बात है कि यह अपराध मृतका के भाई ने दहेज हत्या में दर्ज कराया था, लेकिन न्यायालय ने गवाही व साक्ष्यों के आधार पर अपराध हत्या का माना और सजा सुनाई।

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यह फैसला विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) विनय तिवारी की अदालत ने सुनाया है। घटना 27 जुलाई 2023 में थाना क्वार्सी क्षेत्र के मौलाना आजाद नगर की है। मूल रूप से अतरौली मोहल्ला गढ़ी का आरोपी मोहम्मद आसिफ अपनी पत्नी हिना और आठ महीने के बेटे हम्जा के साथ मौलाना आजाद नगर में किराए के कमरे में रहता था। एएमयू में माली की नौकरी करता था। हिना का मायका एटा पिलुआ के गांव मुकरना में था।

जमालपुर में रहने वाले हिना के भाई आजिर खान ने क्वार्सी में रिपोर्ट कराते हुए बताया कि उनकी बहन की शादी 2021 में हुई थी। शादी के बाद हिना ने एक बेटे को जन्म दिया, जो घटना के समय आठ माह का था। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष 10 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित कर रहा था।
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27 जुलाई की सुबह आसिफ ने पत्नी हिना की खुरपी-सुए से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। इन्हें किसी फोन के जरिये इस घटना की सूचना मिली। तब वे जमालपुर से व अन्य परिजन एटा से आए। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसी मामले में न्यायालय में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर आसिफ को दोषी करार देकर सोमवार को सजा सुनाई गई है, जिसमें आजीवन कारावास के साथ 25,000 रुपये का अर्थदंड भी नियत किया है। जिसमें से आधी राशि वादी को देने के निर्देश दिए हैं।

कमरे में हत्या कर बेटे को मारने ट्रैक पर ले पहुंचा था आसिफ
जिस कमरे में यह हत्या हुई। उस कमरे में आसिफ आठ महीने पहले ही किराये पर रहने पहुंचा था। हत्या के बाद वह एक टिर्री चालक को यह कहकर लाया कि कमरा खाली करना है। सामान लेकर जाना है। इसके पीछे उसकी मंशा शव को कमरे में ही छोड़कर सामान सहित भागने की मानी गई। जब टिर्री चालक कमरे में पहुंचा तो कपड़े से ढंकी खून से लथपथ हिना की लाश देखकर वह चीखता हुआ भागा। टिर्री चालक के शोर पर पड़ोसी एकत्रित होने लगे तो आसिफ अपने बेटे हम्जा को लेकर कमरे से ताला लगाकर भाग गया। बाद में वह अपने बेटे को ट्रैक पर मारने के इरादे से लेकर पहुंचा। मगर वहां भीड़ ने उसे दबोच लिया और बच्चे को उससे छीनकर बाद में आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। तभी उसके पास से खून से सनी खुरपी बरामद हुई।

ये पेश किए गए आठ गवाह
इस अपराध में वादी यानि मृतका का भाई, दो मोहल्ले के पड़ोसी महत्वपूर्ण गवाह के रूप में पेश किए। इसके अलावा पंचायतनामा करने वाले नगर मजिस्ट्रेट, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर व विवेचक-दो पुलिसकर्मी सहित आठ गवाह पेश किए गए।

हिना के शरीर पर किए थे 30 से अधिक वार
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर 30 से अधिक जख्म पाए गए, जिनमें गर्दन, छाती और पेट पर गहरे घाव शामिल थे। इन्हीं तमाम साक्ष्यों व मोहल्ले के दो स्वतंत्र गवाहों द्वारा दी गई गवाही के आधार पर न्यायालय ने इसे दहेज हत्या के बजाय हत्या का अपराध माना और सजा सुनाई है।
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नहीं कर सका अपना वकील, विधिक प्राधिकरण से मिली सेवा
पत्नी की हत्या में जेल जाने के बाद उसके बेटे को तो हिना के मायके पक्ष के लोग अपने साथ ले गए। जेल में रहने के कारण उसकी परिवार के किसी सदस्य ने पैरवी नहीं की और वह खुद अपना वकील भी नहीं कर सका। बाद में उसे जिला कारागार में विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर अधिवक्ता मुहैया कराने के अनुरोध पर लीगल एड सर्विस की तरफ से निशुल्क अधिवक्ता मुहैया कराया गया। मगर बचाव पक्ष या खुद आरोपी अपने निर्दोषता का कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका।

चरित्र पर संदेह में विवाद का भी मचा था शोर
जिस समय यह हत्या हुई थी। उस समय घटना स्थल पर पुलिस के पहुंचने पर मोहल्ले पड़ोस के लोगों से बातचीत में यह शोर मचा था कि आसिफ शराब के नशे में आता था और पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। इसी विवाद में उसकी हत्या हुई। पुलिस विवेचना में यह बात साबित नहीं हुई। बस दंपती विवाद में हत्या किया जाना साबित हुआ।

घटनाक्रम अब तक
  • 27 जुलाई 2023 को घटना और अपराध दर्ज
  • 16 सितंबर 2023 को चार्जशीट दायर की गई
  • 22 जुलाई 2024 से अपराध में गवाही शुरू हुई
  • 12 मई 2026 को गवाही के बाद निर्णय तिथि तय
  • 18 मई 2026 को अदालत ने फैसला सुनाया है
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