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पति की हत्या में पत्नी और प्रेमी को उम्रकैद

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एडीजे-17 के विद्वान न्यायाधीश मनोज कुमार सिद्धू के न्यायालय से पति की हत्या के दस साल पुराने मुकदमे में उसकी पत्नी व प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह घटना जवां क्षेत्र के कासिमपुर पावर हाउस में हुई थी।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी तरुण वर्मा के अनुसार 14 जुलाई 2011 की सुबह चार बजे यह घटना हुई थी। एफसीआई गोदाम के सामने कासिमपुर पावर परिसर में रहने वाले लालता प्रसाद बिजली का तार सही करने जा रहे थे, तभी घर के अंदर छिपे व्यक्ति ने उनको गोली मार दी थी। घटना के बाद उनकी पत्नी ने लालता प्रसाद की ओर से ही अज्ञात में तहरीर दी थी।
मगर जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान लालता प्रसाद ने पुलिस विवेचक को मृत्यु पूर्व बयान दिए, जिसमें इस बात का उल्लेख किया कि उनकी पत्नी रानी के पास में ही रहने वाले विकास पुत्र महेंद्र मूल निवासी खजूरार पटना बिहार से प्रेम संबंध हैं। जिनका लालता विरोध करता था। इसी क्रम में दोनों ने साजिश रचकर उस समय घटना को अंजाम दिया, जब उसके बच्चे सो रहे थे। बयान देने के कुछ देर बाद लालता की मृत्यु हो गई। इस आधार पर पुलिस ने हत्या के मुकदमे में विकास व रानी को आरोपी बनाया। जिसके आधार पर दोनों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। न्यायालय ने पुलिस साक्ष्य, मृत्यु पूर्व बयान व गवाही के आधार पर दोनों आरोपियों को उम्रकैद व रानी को 20 व विकास को 25 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ ही जुर्माना राशि में से आधी रकम मृत लालता के चार बेटों को देने के निर्देश दिए हैं।
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किशोरी को चाकू मारने में सात साल कैद की सजा
एडीजे-11 की विद्वान न्यायाधीश शिवानी सिंह के न्यायालय से किशोरी को गाल पर चाकू मारकर जख्मी करने के मुकदमे में आरोपी को सात साल की सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी रविकांत शर्मा के अनुसार 4 अप्रैल 2015 को यह मुकदमा अतरौली में दर्ज कराया गया था, जिसके अनुसार किशोरी खेत पर चारा काट रही थी, तभी आरोपी ने बुरी नीयत से किशोरी का गाल चाकू से काट दिया। शोरशराबे पर एकत्रित ग्रामीणों ने आरोपी मौके पर पकड़ लिया, जिसने अपना नाम आदर्श कुमार निवासी नगला ताड़ मारहरा एटा बताया। जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में सत्र परीक्षण के दौरान न्यायालय ने आरोपी को सात साल की सजा व 40 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ ही जुर्माना राशि में से आधी रकम पीड़ित को देने के निर्देश दिए हैं।
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