चाल सालों से एक महिला के डाकघर के खाते में आ रही विधवा पेंशन किसी ने साफ कर दी। जब महिला को जानकारी हुई तो उसके होश उड़ गए। पीडि़त ने कोतवाली सदर में इसकी शिकायत की है।
मोहल्ला नाई का नगला निवासी ऊषा देवी के पति रामदास की मृत्यु पांच साल पहले हो गई थी। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण ऊषा देवी ने जन सेवा केंद्र के जरिये विधवा पेंशन के लिए आवेदन किया था। उसमें डाकघर का खाता भी लगाया था। महिला को आवेदन स्वीकृत होने की जानकारी नहीं हुई। उन्होंने कई बार अलग-अलग जनसेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन किया, लेकिन खाते में कभी पेंशन नजर नहीं आई।
ऊषा देवी ने बताया कि वह एक फैक्टरी में भी काम करती हैं। फैक्टरी मालिक ने जब उनकी समस्या देखी तो खुद पेंशन शुरू कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने छानबीन कराई तो पता चला कि खाते में पेंशन आ रही है। इसके बाद वह प्रधान डाकघर पहुंचीं और बैंक खाते के बारे में जानकारी ली।
उससे पता चला कि पेंशन के रूप में चार साल से एक हजार रुपये महीने आ रहे थे, जिन्हें कोई निकाल रहा था। लगभग 48 हजार रुपये निकाले गए हैं। घटना की जानकारी पर मंगलवार को वह कोतवाली सदर पहुंचीं और लिखित शिकायत की। सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि मामले में छानबीन की जा रही है।