मंडी शुल्क के विरोध में शुक्रवार को महावीर गंज स्थित थोक बाजार में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा। साथ ही धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मंडी शुल्क वापस लेने की मांग की।
शुक्रवार को अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर मंडी शुल्क के विरोध में महावीर गंज बाजार में धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया गया। इस दौरान घी, तेल, आटा, सूजी, दाल, चावल इत्यादि की थोक दुकानें बंद रहीं। करीब पचास दुकानें बंद रहीं, जिससे आम लोगों व देहात क्षेत्र से आए लोगों को परेशानी हुई। शहर के रिटेल दुकानदार भी परेशान रहे। व्यापारियों ने पूरे दिन प्रतिष्ठान नहीं खोले और गोदामों पर भी ताले पड़े रहे। उनका कहना था कि सरकार का यह फैसला गलत है। इसे जल्द वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश स्तर पर रणनीति बनाकर आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष भूपेंद्र वार्ष्णेय, महामंत्री विशाल भगत, सर्वेश चंद्र वार्ष्णेय, राजकुमार दाल वाले, आकाश, अंकित, मनोज राजधानी, संतोष, अंशुल, विष्णु ठाकुर, दिनेश टीटू, गिरीश चंद, नंद किशोर, पवन किराना, सुधीर सहपऊ, सौरभ सहपऊ, अशोक किराना आदि मौजूद रहे।
मंडी शुल्क वापस नहीं लिया तो आंदोलन करेंगे व्यापारी
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उप्र. की ओर से मंडी शुल्क के विरोध में शुक्रवार को खैर रोड स्थित सेवा सदन में बैठक आयोजित की गई। अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप गंगा ने की। व्यापारियों ने कहा कि मंडी शुल्क व उसका पालन करने में होने वाले खर्चे से बाजारों में महंगाई बढ़ेगी। इसका बोझ आम आदमी पर पड़ेगा। सभी व्यापारियों ने विरोध दर्ज करते हुए कहा कि सरकार अगर इस फैसले को वापस नहीं करेगी तो हम सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष ई. रत्नाकर आर्य, जिला महामंत्री राकेश वार्ष्णेय, राहुल वार्ष्णेय, महानगर महामंत्री एम ए खान गांधी, शिवकुमार पाठक, महानगर उपाध्यक्ष पप्पू माहौर, संतोष वार्ष्णेय, उमेश गौड, मुकेश वर्मा, प्रदीप कूलर, निखिल प्रताप सिंह, मुकेश किंग इंडिया, गोपाल राजपूत, नीरज यादव आदि मौजूद रहे।