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मौत के लिए जिम्मेदार कौन...जल निगम, नगर निगम या फिर प्रशासन

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महेंद्र नगर में सीवर लाइन के लिये खोदे गये गड्ढे में गिरकर हुई डॉ. राजीव गुप्ता की मौत के बाद घटना ? - फोटो : CITY OFFICE
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सासनीगेट थाना क्षेत्र के महेंद्रनगर में जल निगम द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिरकर डॉ. राजीव कुमार गुप्ता की दर्दनाक मौत हो गई। उनकी पत्नी, पुत्र एवं युवा बेटियों पर तो दुख का पहाड़ टूट गया है। सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर इस मौत के लिए कौन जिम्मेदार है... जल निगम, नगर निगम या फिर प्रशासन।
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नागरिकों आक्रोश को देखते हुए नगर निगम के अधिकारी बैक फुट पर हैं। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि जिस गड्ढे में गिरकर राजीव कुमार गुप्ता की दर्दनाक मौत हुई है, उसे जल निगम द्वारा खोदा गया था। अमृत योजना के अंतर्गत शहर में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है और कार्यदायी संस्था जल निगम है। ऐसे में महेंद्रनगर की मौत की जिम्मेदारी नगर निगम पर नहीं डाली जानी चाहिए।
नगर निगम के अधिकारी कह रहे हैं कि जल निगम के कार्यों से नगर निगम के लोग खुद परेशान हैं, क्योंकि उनकी लापरवाही का गुस्सा नगर निगम पर फूटता है। दरअसल अमृत योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए पूरे शहर को खोद दिया गया है। पार्षद एवं नागरिक शिकायत लेकर नगर निगम के पास आते हैं। इसकी शिकायत जिलाधिकारी से लेकर ऊपर के अधिकारियों तक भी पहुंची है। लेकिन आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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वार्ड नंबर 33 की पार्षद अलका गुप्ता एवं वार्ड नंबर 21 के पार्षद नरेंद्र कुमार वार्ष्णेय से लेकर अन्य कई लोग जल निगम के अधिकारियों को फोन लगाते रहे लेकिन रिसीव नहीं हुए। कार्यदायी एजेंसी के अधिकारी भी भीड़ जुटने के बाद दुर्घटना स्थल पर नहीं पहुंचे। नगर आयुक्त प्रेमरंजन सिंह का कहना है कि महेंद्रनगर की घटना दुखद है। ये जल निगम का प्रोजेक्ट है। पहले काम कराने के लिए जल निगम को नगर निगम से एनओसी लेनी पड़ती थी। पिछले एक साल से उस प्रावधान को खत्म कर दिया गया। अब जल निगम के अधिकारी अपने हिसाब से काम करते हैं। नगर निगम को पता भी नहीं चलता है कि कहां काम चल रहा है। जल निगम की लापरवाही की वजह से नगर निगम बदनाम होता है।
रात में डाली गई थी पाइप लाइन
पाइप लाइन डालने का काम जल निगम ने आगरा की एक एजेंसी को दिया है। शनिवार रात में करीब 30 मीटर की खुदाई कर पाइप लाइन डाली गई थी। यही गड्ढा सुबह मौत का कारण बन गया। जल निगम के अधिकारियों के फोन नहीं उठ रहे है। एजेंसी के प्रोजेक्ट इंजीनियर सर्वेश मिश्रा का कहना है कि रात में पाइप लाइन पड़ी थी। काम होने के बाद पाइप से रास्ता जाम कर दिया गया था। सड़क पर एक ट्रक भी फंसा था, जिसे सुबह हटवाया गया। हादसे के वक्त एक तरफ ट्रक फंसा था और दूसरी तरफ से भैंस निकल रही थी। प्रोजेक्ट इंजीनियर ने बताया कि करीब 15 किलोमीटर में से 2 किलोमीटर पाइप डालने का काम रह गया है। करीब एक साल से काम चल रहा है।
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