इतिहासकार प्रो. इरफान ने कहा कि मुगल दरबार का इतिहास हटने से इतिहास नहीं खत्म होगा। मध्यकालीन इतिहास को खत्म करने का कुचक्र रचा जा रहा है। वहीं, आधुनिक इतिहास में कुछ को महिमा मंडित किया जा रहा है, जिनका देश की आजादी में कोई भूमिका नहीं थी।
प्रख्यात इतिहासकार और एएमयू के एमेरट्स प्रोफेसर इरफान हबीब ने एनसीईआरटी की किताबों से मुगल दरबार का इतिहास हटाए जाने पर कहा, विद्यार्थियों को कौन बताएगा कि ताजमहल किसने बनाया? उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में सात अजूबों में ताजमहल शामिल है। अब इसके इतिहास के बारे में नई पीढ़ी नहीं जान सकेगी।
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प्रो. इरफान ने कहा कि मुगल दरबार का इतिहास हटने से इतिहास नहीं खत्म होगा। मध्यकालीन इतिहास को खत्म करने का कुचक्र रचा जा रहा है। वहीं, आधुनिक इतिहास में कुछ को महिमा मंडित किया जा रहा है, जिनका देश की आजादी में कोई भूमिका नहीं थी।
प्राचीन के साथ मध्यकालीन इतिहास को भी जानना उतना ही जरूरी है, जितना आधुनिक इतिहास। मध्यकालीन इतिहास में देश में विकास में मुसलमानों के योगदान को नजरदांज नहीं किया जा सकता है। इस काल में भारत ने प्रगति की है, जिसका जिक्र मध्यकालीन इतिहास में मिलता है।