पथराव, हंगामे के बीच हुए निकाय चुनाव मतदान के बाद राहत महसूस कर रहे प्रशासनिक अधिकारियों के सामने जल्द ही बड़ी चुनौती सामने आ सकती है।
इस चुनाव में पूरे शहर में हजारों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब होने का मामला तूल पकड़ रहा है। मेयर का चुनाव लड़ने वाले राजनीतिक दलों के नेताओं ने राज्य निर्वाचन आयोग से इसकी शिकायत करने का मन बना लिया है। अब पार्टी के प्रदेश स्तरीय नेताओं से रायशुमारी करने के बाद इस पर संजीदा कार्यवाही तय मानी जा रही है। मेयर का चुनाव लड़ने वाले नेताओं के साथ ही उनके राजनीतिक दल भी इस गंभीर समस्या को लेकर बेहद गुस्से में है। अगर मेयर के चुनाव में मतदाता सूची का ये हाल है तो लोकसभा चुनाव में क्या होगा?
15 प्रतिशत नाम कटने का अनुमान
जिले में एक नगर निगम, दो नगर पालिका और नौ नगर पंचायतें हैं। जिनमें लगभग सात लाख वोटर हैं। मतदान के दौरान लगभग 15 प्रतिशत वोटरों के नाम मतदाता सूची में नहीं मिले हैं। अधिकांश वोट नगर निगम मतदाता सूची के हैं। कंट्रोल रूम में मतदान के दिन लगातार ये शिकायतें आती रहीं तो अधिकारियों ने कहा कि लगभग 15 फीसदी वोट गायब होने का अनुमान है। ऐसे में लगभग 90 हजार से अधिक वोटरों के नाम मतदाता सूची से गायब हैं।
मेयर के चुनाव में हजारों की तादाद में वोट गायब होने का मामला बेहद संगीन है। राज्य निर्वाचन आयोग को इसकी जांच करानी चाहिए। संबंधित अधिकारी और बीएलओ की जवाबदेही तय होनी चाहिए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी को इससे अवगत कराने के बाद इसकी विधि संवत शिकायत करेंगे। जिससे लोकसभा चुनाव में ऐसा दोबारा न हो।
- मधुकर शर्मा, मेयर प्रत्याशी, कांग्रेस
हमारे मोहल्ले के साथ ही कई इलाकों के हजारों समर्थक सिर्फ इसीलिए वोट नहीं डाल सके क्योंकि उनके नाम ही वोटर लिस्ट से गायब थे। अगर सभी के नाम वोटर लिस्ट में होते तो यकीनन वोट फीसद बढ़ता। राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत कर जांच की मांग करेंगे। जिससे लोकसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट ठीक हो सके।
- मुजाहिद किदवई, मेयर प्रत्याशी, सपा
निश्चित रूप से हजारों वोट गायब होने का मामला बेहद संजीदा है। इसे गंभीरता से लेना चाहिए। मतदान फीसद बढ़ाने और मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति हो रही हैै। बीएलओ जमीनी स्तर पर काम नहीं कर रहे हैं। मुसलिम इलाकों में जानबूझ कर वोटर लिस्ट ठीक नहीं की गई। राज्य निर्वाचन आयोग तक ये मामला ले जाएंगे। मो. फुरकान, मेयर प्रत्याशी, बसपा
जिले से हजारों की संख्या में वोटर लिस्ट से नाम गायब होने से हमारे हजारों समर्थकों का वोट नहीं पड़ा है। जिससे लोग मायूस हुए हैं। यह बेहद गंभीर मामला है। इस मामले में जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से बात करेंगे। लोकसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की गहन समीक्षा की मांग करेंगे।
राजीव अग्रवाल, मेयर प्रत्याशी, भाजपा
इस मामले में विधिक राय लेने के बाद वह पार्टी के मुखिया अजित चौधरी और जयंत चौधरी से बात करेंगे। इससे निश्चित रूप से हमारे वोट कटे हैं। पार्टी के निर्देश मिलने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग तक इसकी शिकायत करेंगे। जिससे लोकसभा चुनाव में ऐसी हरकत न दोहराई जाए।
प्रतीक चौधरी, मेयर प्रत्याशी, रालोद
एक साथ करीब 90 हजार वोटरों का गायब हो जाना लोकतंत्र के लिए भी ठीक नहीं है। हमें लगता है कि साजिश के तहत हजारों लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब किए गए थे, ताकि लोग अपनी मनपसंद पार्टी या प्रत्याशी को वोट न डाल सकें। इसकी शिकायत वह राज्य निर्वाचन आयोग से करेंगी।
मोनिका थापर, मेयर प्रत्याशी, आम आदमी पार्टी