पाकिस्तान से बिहार की गीता के वापस आने की खबरों ने पठानान मोहल्ले के हाफिज वकार की उम्मीदों को जिंदा कर दिया है। उन्हें लगने लगा है कि उनका बेटा सलमान भी अब पाकिस्तान से वापस आ सकता है। हाफिज वकार की हालत मंगलवार को बिगड़ गई और उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि शुगर लेवल बढ़ने से उनकी जान को खतरा है। उन्हें कभी भी लकवा मार सकता है। बुधवार को भी वह बेहद तनाव में रहे। अधिकारियों से मिन्नतें करते रहे कि कोई उनके बेटे सलमान को कराची से अलीगढ़ लाने में मदद करे। हाफिज वकार ने बताया कि सांसद सतीश गौतम ने दशहरा बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलाने का भरोसा दिलाया है। विदेश मंत्री से इसके लिए वक्त लिया जा रहा है। वकार ने रोते हुए बताया कि वह दो दशक से परेशान हैं, लेकिन अलीगढ़ से दिल्ली तक के अधिकारियों ने कभी कोई मदद नहीं की। उनकी पत्नी सलमा को भी अब तक भारत की स्थायी नागरिकता नहीं मिली है, जबकि पाकिस्तान से आने के बाद उनका निकाह हुए तीन दशक से ज्यादा वक्त गुजर चुका है।
वकार के दोस्त सलीम मुख्तार, एसएम कयाम और समाजसेवी अमानउल्लाह खां ने कहा कि जिला प्रशासन से कई बार कहने के बाद भी सलमा को अब तक भारतीय नागरिकता नहीं मिली है। पाकिस्तान जाते वक्त उनके बेटे सलमान का जिक्र उस वक्त के पासपोर्ट में है। क्योंकि बीमारी की वजह से वकार दंपति को सलमान को पाकिस्तान में छोड़ कर आना पड़ा था। अब न तो पाकिस्तान वाले उसे पासपोर्ट दे रहे हैं न ही भारत सरकार। ऐसे में वकार दंपति की समस्या सुलझ नहीं पा रही है।