एएसपी अशोक कुमार ने बताया कि किशन लाल ने कक्षा 10 तक पढ़ाई की है। उसकी मां की काफी पहले बीमारी से मौत हो गई थी। 2010 में पिता की भी हादसे में मौत हो गई। उसके दो भाई हैं। एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाता है और दूसरा राज मिस्त्री है। एक दवा और हींग फैक्टरी में भी वह काम कर चुका है।
एएसपी के अनुसार किशनलाल बचपन से ही डोरी लाल को जानता था। वह उससे रात में खेतों की रखवाली करवाते थे और बदले में शाम को रोटी खिलवा देते, उसे रुपये नहीं देते थे। किशनलाल ने पुलिस को बताया कि घटना वाली रात करीब 12 और एक बजे के बीच उसने रोटी मांगी तो वह गाली-गलौज करने लगे। साथ ही कहा कि तू नलकूप से सामान चोरी कर लेता है, भाग जा यहां। गुस्से में किशनलाल ने नलकूप पर रखा बल्लम उठाकर उन पर प्रहार किए, वह बचकर भागे तो खेत में घेरकर उन्हें मार डाला था।
नशे का आदी है किशन पाल
हाथरस पुलिस के अनुसार हत्यारोपी किशन पाल कश्यप नशे का आदि है। वारदात के समय भी वह नशे में था। नशे के लिए वह व्हाइटनर जैसे पदार्थों का इस्तेमाल करता है।