धनीपुर मंडी में गेहूं की बेहतरीन किस्म का रेट मंगलवार को 1850 से 1900 रुपये क्विंटल यानी 18 से 19 रुपये प्रति किलो रहा। अब गेहूं अक्तूबर महीने के पूर्व के सामान्य दामाें पर आ गया है। आढ़तियों की मानें तो ये रेट भी कुछ ज्यादा है।
गेहूं की कीमत 1700 रुपये क्विंटल तक ही होनी चाहिए। लेकिन बुवाई का सीजन होने, राशन में प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं बंद होने, आटा बेचने वाले ब्रांडेड कंपनियों का कारोबार बढ़ने से ये रेट 1800 तक हैं।
दीपावली के सप्ताह में गेहूं की मांग अचानक बढ़ने और किसानों के मंडी में कम पहुंचने के कारण रेट बढ़ा दिए गए थे। जिसका फायदा कुछ बड़े बिचौलियों ने उठाया। गेहूं 2100 रुपये तक पहुंचा तो आटा 24 रुपये तक बिक गया।
पुराना स्टाक रखने वालों की दीपावली बहुत बेहतर मनी। लेकिन अब स्थिति में सुधार हो रहा है। धीरे धीरे आटा चक्की के रेट भी सामान्य होने लगे हैं। हालांकि ब्रांडेड कंपनियों के रेट अब तक कम नहीं हुए हैं। चंदनिया के आटा चक्की कारोबारी हरि सिंह ने बताया कि आटा 22 रुपये किलो है, इससे ज्यादा महंगा बेचने वाले जनता को ठग रहे हैं।
हकीकत
1900 रुपये क्विंटल गेहूं, इसमें चक्की तक पहुंचने का खर्च एक रुपये
20 रुपये किलो में आने के बाद थोक में पिसाई एक रुपये किलो तक
21 रुपये में पड़ने वाला आटा अधिकतम 22 रुपये किलो में होना चाहिए
पैक्ड आटा 23 से 28 रुपये किलो, चक्की का आटा 23 से 24 रुपये किलो
अब
धनीपुर थोकमंडी में रेट बिल्कुल सामान्य, 1800 से 1900 रुपये क्विंटल
अब कोई महंगाई नहीं, आमद कम होने से दीपावली पर अचानक बढ़े थे गेहूं