दि सिविल बार एसोसिएशन खैर की नई कमेटी के शपथ ग्रहण के साथ ही बार एसोसिएशन में रार बढ़ गई है। 89 वकीलों ने एल्डर्स कमेटी और दो चुनाव अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए बार से इस्तीफा दे दिया। इनका आरोप है कि संयुक्त रूप से महामंत्री बने अजय चौहान को 10 दिन बाद पराजित घोषित कर संजय कुमार शर्मा को एक मत से महामंत्री पद पर विजयी घोषित कर दिया गया।
इसके चलते इन्होंने सोमवार को हुए बार एसोसिएशन के शपथ ग्रहण समारोह का भी बहिष्कार किया है। वहीं बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष पंकज शर्मा का कहना है कि यूपी बार काउंसिल के अध्यक्ष को व्हाट्स एप पर पूरा घटनाक्रम भेज दिया गया है। जल्द ही दूसरी बार एसोसिएशन का गठन कर चुनाव कराया जाएगा।
28 दिसंबर को दि सिविल बार एसोसिएशन का चुनाव हुआ था। उसी दिन शाम में मतगणना कर परिणाम घोषित किए गए थे। बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष पंकज शर्मा ने कहा कि महामंत्री पद पर अजय चौहान और संजय कुमार शर्मा को 68-68 मत मिले थे। उस समय टॉस कराने अथवा पर्ची निकालने के बारे में बात हुई, लेकिन दोनों ने इन्कार कर दिया था, इस पर चुनाव कमेटी ने दोनों को संयुक्त रूप से महामंत्री घोषित किया था।
इसके बाद संजय कुमार शर्मा ने एल्डर्स कमेटी के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें कहा कि एक मतपत्र पर तीन मुहर लगी हैं, इसलिए उसे निरस्त किया जाए। जबकि मतपत्र पर एक ही मुहर लगी है। स्याही के कुछ छींटे जरूर मतपत्र पर हैं।
इस पर एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन शिशुपाल शर्मा और दो चुनाव अधिकारियों ने एक मतपत्र निरस्त कर 10 दिन बाद शुक्रवार की देर शाम बार एसोसिएशन हाल के दीवार में संजय कुमार शर्मा को विजेता और अजय चौहान को पराजित होने की घोषणा चस्पा करा दी।
शनिवार और रविवार को तहसील बंद थी। सोमवार को वकीलों को इसकी जानकारी हुई, तभी अध्यक्ष और महामंत्री सहित सभी पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित कर दिया। इससे नाराज होकर बार के शपथ ग्रहण समारोह का भी 89 वकीलों ने बहिष्कार किया है।
मुझे अभी तक सामूहिक इस्तीफे का कोई ऐसा पत्र नहीं मिला है। न किसी ने बात कर यह बताया है कि क्या गलत हुआ है। सामूहिक इस्तीफे का पत्र मिलता है तो उस पर विचार कर बार एसोसिएशन समुचित कार्रवाई करेगा। -शिशुपाल शर्मा, चेयरमैन, एल्डर्स कमेटी-खैर।