खैर के पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ व उनके पूर्व ब्लॉक प्रमुख बेटे दिवाकर गौड़ की हत्या की साजिश रचने के आरोपी खैर चेयरमैन सहित उनके छह साथियों की जमानत अर्जी सत्र न्यायालय से खारिज की गई है। हालांकि, इस मामले में अदालत में खैर चेयरमैन के अधिवक्ता की ओर से सियासी रंजिशवश झूठा फंसाने व साक्ष्य बरामद न होने की दलील दी गई। मगर न्यायालय ने दलील अस्वीकार करते हुए छह आरोपियों की ओर से दायर जमानत अर्जी खारिज कर दी। बता दें कि इस मामले में 10 आरोपी जेल भेजे गए थे और सभी पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की गई है।
पिछले माह सिंचाई विभाग की संपत्ति पर कब्जे की शिकायत के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था, जिसमें प्रमोद गौड़ ने एसएसपी से शिकायत की थी कि उनकी जान को खतरा है। जब इस पर एसपी देहात की अगुवाई में पुलिस टीम ने जांच की तो उजागर हुआ कि खैर चेयरमैन संजीव अग्रवाल बिंटू ने अपने एक साथी की मदद से शूटरों को प्रमोद गौड़ व उनके बेटे की हत्या की सुपारी दी है। इस पर पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर नौ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया। बाद में चेयरमैन संजीव अग्रवाल को गिरफ्तार किया। सभी लोग जेल में हैं। सभी पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है।
। इस मामले में खैर चेयरमैन संजीव बिंटू सहित शूटर के रूप में सामने आए देवी पुरा बुलंदशहर के संजय, सहयोगी ओम नगर खैर के विकास उर्फ बॉबी, मीडिएटर के रूप में उजागर नयागंज खुर्जा के राजकुमार जाट, औलिया औरंगाबाद बुलंदशहर के आदेश, गुरुग्राम हयातपुर के रिंकू की ओर से अलग अलग जमानज अर्जी सत्र न्यायालय में दायर की गईं। डीजीसी फौजदारी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार शनिवार को सभी छह आरोपियों की जमानत अर्जियां सत्र न्यायालय से खारिज कर दी गई हैं। इधर, अभी इस मामले में 4 अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी दायर होना शेष है। इसके बाद गैंगस्टर में जमानत लेनी होगी। इस तरह फिलहाल खैर चेयरमैन आदि को तगड़ा झटका लगा है।