वैदिक ज्योतिष संस्थान के प्रमुख स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने कहा है कि देवोत्थान एकादशी की तिथि एक नवंबर को प्रातः 09:11 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन 02 नवंबर को प्रातः 07:31 बजे तक रहेगी। एकादशी के साथ विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत आदि मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी।
कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि को देवोत्थान एकादशी पर देव चार महीने की योग निद्रा त्यागकर सृष्टि का कार्यभार संभालते हैं। ऐसे में एकादशी व्रत गृहस्थ लोग शनिवार को करेंगे। वहीं वैष्णव आदि लोग उदया तिथि एकादशी व्रत के साथ देवोत्थान दो नवंबर को मनाएंगे। देवोत्थान एकादशी के साथ ही चातुर्मास खत्म हो जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस दिन भगवान शालिग्राम और देवी तुलसी का विवाह भी होगा। भगवान शालिग्राम की पूजा के विषय और शुभ मुहूर्त की जानकारी देते हुए बताया कि इस दिन अभिजित मुहूर्त प्रातः 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा। अमृत काल प्रातः 11:17 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक रहेगा। रवि योग प्रातः 06:33 मिनट से शाम 06:20 बजे तक रहेगा।