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Aligarh News: मुनीर गैंग से जुड़े हैं हथियार तस्करों के तार, कई राज्यों तक फैला है जाल

Fri, 08 May 2026 04:43 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि यह गिरोह उन अपराधियों को रसद और हथियार मुहैया करा रहा था, जिन्होंने 24 दिसंबर 2025 को एएमयू के एबीके स्कूल के कंप्यूटर साइंस शिक्षक राव दानिश की मौलाना आजाद लाइब्रेरी के पीछे सरेआम हत्या कर दी थी।
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पकड़े गए आरोपी और बरामद अवैध हथियार - फोटो : पुलिस
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विस्तार
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अलीगढ़ के थाना सिविल लाइन, थाना क्वार्सी और क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग द्वारा 6 मई रात पकड़े गए 12 हथियार तस्करों के मामले में जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का सीधा संबंध कुख्यात मुनीर गैंग से है। गिरोह का सरगना हाजी कासिफ, मुनीर गैंग के सक्रिय सदस्य और 1 लाख के इनामी अपराधी जुबैर के सीधे संपर्क में था।

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पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि यह गिरोह उन अपराधियों को रसद और हथियार मुहैया करा रहा था, जिन्होंने 24 दिसंबर 2025 को एएमयू के एबीके स्कूल के कंप्यूटर साइंस शिक्षक राव दानिश की मौलाना आजाद लाइब्रेरी के पीछे सरेआम हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी यासिर, फहद और जुबैर फिलहाल फरार हैं और पुलिस ने इन तीनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। जांच में पता चला है कि फरारी के दौरान भी ये तीनों आरोपी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शहर के लोगों को धमका कर रंगदारी वसूल रहे थे।

पुलिस की जांच में दो जिलों के नाम सामने आए हैं। पुलिस टीमें काम कर रही हैं। जल्द ही उन लोगों को भी पकड़ा जाएगा जो इस गिरोह के लोगों को हथियार सप्लाई कर रहे थे। जिस जगह यह हथियार बनाए जा रहे थे उन पर भी पुलिस का शिकंजा कसा जाएगा।- नीरज जादौन, एसएसपी

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होटल क्राउन प्लाजा में सजती थी हथियारों की मंडी
पुलिस की तफ्तीश में एक वीडियो फुटेज हाथ लगा है, जिसने तस्करों के पूरे नेटवर्क की पोल खोल दी। फुटेज से खुलासा हुआ कि खैर रोड स्थित होटल क्राउन प्लाजा इस गिरोह का मुख्य अड्डा था। यहीं पर हथियारों की सौदेबाजी होती थी और डीलिंग के लिए अपराधियों की बैठकें आयोजित की जाती थीं। सराय हकीम फायरिंग कांड के आरोपी योगी को भी इसी गिरोह के सरगना हाजी कासिफ ने हथियार उपलब्ध कराए थे।

ऐसे बिछाया गया पुलिस का जाल
शिक्षक राव दानिश हत्याकांड के बाद से ही पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। इसी दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि मुनीर गैंग से जुड़ा जुबैर अपने गुर्गों के जरिए अवैध हथियारों का एक बड़ा सिंडिकेट चला रहा है। पुलिस ने जब एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो परतें खुलती चली गईं। पुलिस ने कड़ियों को जोड़ते हुए पाया कि हाजी कासिफ ही वह मुख्य मोहरा है जो जुबैर के इशारे पर शहर में हथियारों की सप्लाई कर रहा था। इसी दौरान सराय हकीम में फायरिंग की घटना हुई तो जांच में सामने आया कि फायरिंग के आरोपी योगी को गिरोह के सरगना हाजी कासिफ ने ही हथियार दिए हैं। इसके बाद तो पुलिस ने अपना दायरा और सख्त कर दिया। एसएसपी अलीगढ़ के निर्देश पर पुलिस अब उन लोगों की कुंडली खंगाल रही है जो मुनीर गैंग के इन इनामी बदमाशों को पनाह दे रहे हैं या उन्हें आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं। होटल क्राउन प्लाजा में हुई डीलिंग के वीडियो फुटेज के आधार पर कुछ अन्य सफेदपोशों के नाम भी सामने आने की संभावना है।
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