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निर्भया कांड : लाजिम है हम भी देखेंगे दुष्कर्मियों के फांसी का सीधा प्रसारण

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अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में भाग लेती छात्राएं। - फोटो : CITY OFFICE
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निर्भया के साथ दरिंदगी करने वालों के साथ अब रहमदिली नहीं की जानी चाहिए। अलबत्ता, सभी दोषियों को एक साथ फांसी के फंदे पर लटका देना चाहिए। जब दुष्कर्मियों को फंदे पर लटकाया जाए तो इसका सीधा प्रसारण भी होना चाहिए, जिससे ऐसी दूषित मानसिकता रखने वालों को सबक मिल सके। यह कहना था छात्राओं व शिक्षिकाओं का। सोमवार को वह तालानगरी स्थित अमर उजाला कार्यालय में अमर उजाला- अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित कार्यक्रम में आई थीं। सभी ने एक स्वर कहा कि दुष्कर्मियों को फांसी के फंदे पर लटकाने में देरी नहीं होनी चाहिए।
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निर्भया कांड को आठ साल हो गए हैं। अभी तक दोषियों को फांसी के फंदे पर नहीं लटकाया गया है।
-रजनी यादव, छात्रा
दुष्कर्मियों को फांसी देकर देश के सामने उदाहरण पेश किया जाए। सभी को एक साथ फांसी पर लटकाएं।
-निधि शर्मा, छात्रा
फांसी देने में अब देरी नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसा होगा तो इससे अपराधियों को मनोबल बढ़ जाएगा।
-नेहा सिंह, छात्रा
फांसी की सजा अब टलनी नहीं चाहिए। बालकों को अच्छे संस्कार देने होंगे। इससे अपराध कम होंगे।
-आरती, छात्रा
जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी दुष्कर्मियों को फांसी दे देनी चाहिए। अब फांसी नहीं टलनी चाहिए।
-मीनाक्षी सारस्वत, शिक्षिका
निर्भया और उसके माता-पिता को इंसाफ नहीं मिला है। दुष्कर्मियों को फांसी हर हाल में मिलनी चाहिए।
-सुप्राची शर्मा, शिक्षिका
निर्भया के साथ दरिंदगी करने वालों को इस दुनिया में रहने का कोई हक नहीं है। उसे फांसी पर लटका दें।
-डॉ. गीता शर्मा, शिक्षिका
दुष्कर्मियों को जब फांसी पर लटकाया जाए, तो उसका सीधा प्रसारण होना चाहिए, जो एक सबक रहेगा।
-प्रियंका तिवारी, छात्रा
मुझे समझ में नहीं आता है कि दुष्कर्मियों के साथ इतनी रहमदिली क्यों की जा रही है। फांसी पर लटकाओ।
-पूजा चौधरी, छात्रा
घटना को घटे आठ साल हो गए हैं। इसलिए जब दरिंदे फांसी पर लटके तो इसका लाइव शो होना चाहिए।
-प्रिया गुप्ता, छात्रा
निर्भया को इंसाफ मिले। यह तभी संभव है, जब दुष्कर्मियों को फंदे पर लटकाया जाएगा। मुझे इंतजार रहेगा।
-वर्षा शर्मा, छात्रा
दरिंदों को फांसी के फंदे पर लटका देना चाहिए। इसमें तनिक भी देरी नहीं चाहिए। यही समय की पुकार है।
-उर्मिला, छात्रा
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