जेल रोड फ्लाई ओवर के पास स्थित वैष्णो मैनोर अपार्टमेंट की महिलाओं को अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत शनिवार को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए। इस दौरान महिलाओं को बताया गया कि अगर आत्मरक्षा की तकनीक का वह प्रतिदिन अभ्यास करें और दिल में हौसला रखें तो वह स्वयं खुद की रक्षा कर सकती हैं। महिलाओं को फिर किसी के ऊपर आत्मनिर्भर रहने की जरूरत नहीं है।
यह बातें आत्मरक्षा के गुर सिखाते हुए ताइक्वांडो के ब्लैक बेल्ट धारी मौ. फैजान ने महिलाओं से कहीं। नरेश कुमार और मो. फैजान ने पर्स, चेन, मोबाइल आदि छीनने से लेकर आपातकालीन स्थिति में खुद को सुरक्षित करने की तकनीक महिलाओं को सिखाई। इस मौके पर श्वेता गर्ग, पूजा वार्ष्णेय, गरिमा गोयल, पूर्णिमा, बबिता गुप्ता, राधा गुप्ता, कपिल कुमार वार्ष्णेय, संजीव गुप्ता, धर्मवीर गुप्ता, देवेश चंद्र, अनूप कुमार गुप्ता, अमित कुमार गोयल लाला, हितेंद्र कथूरिया, सुधीर गोयल, पदम गुप्ता आदि मौजूद रहे।
बबिता गुप्ता बनीं म्यूजिकल चेयर गेम की विजेता
कार्यक्रम में महिलाओं के लिए म्यूजिकल चेयर गेम भी आयोजित किया गया। जिसकी विजेता बबिता गुप्ता रहीं। वहीं पूजा वार्ष्णेय द्वितीय व पूर्णिमा गुप्ता तृतीय रहीं। तीनों विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
आधुनिक सुख सुविधाओं से युक्त है अपार्टमेंट
वैष्णो मैनोर अपार्टमेंट में 70 फ्लैट के एक टावर में तकरीबन 55 परिवार रहते हैं। 56 फ्लैट का दूसरा टावर खड़ा हो रहा है। फायर सिस्टम, लिफ्ट, पानी, पार्किंग, गार्ड सहित जेनरेटर के बैकअप की सुविधा है। इलैक्ट्रीशियन, प्लंबर, कारपेंटर स्थायी रूप से हैं। पार्क, स्वीमिंग पूल और वाईफाई के साथ इंटरकॉम फैसिलिटी दी गई है। अपार्टमेंट के बाहर सड़क की तरफ चाट की दुकान, काफी शॉप कैंपस में ही हैं।
सामूहिक रूप से आयोजित होते हैं कार्यक्रम
सालभर के सभी त्यौहार यहां सामूहिक रूप से आयोजित किए जाते हैं। करवाचौथ हो या गणेश पूजा, दीपावली, जन्माष्टमी, दशहरा पर सभी परिवार एक साथ विभिन्न आयोजन करते हैं।
गरिमा गोयल का भोजन है लाजवाब
हर तरह के आयोजन में सभी मिलकर पार्टी का आयोजन करते हैं। हर फ्लैट से अलग-अलग व्यंजन बनवाए जाते हैं। इसके बाद एकसाथ इकट्ठा कर पार्टी की जाती है। बताया गया कि अमित गोयल के हाथों की बनीं सब्जी और उनकी पत्नी का हर डिश में बेहतरीन स्वाद होता है।
यह बोली महिलाएं
- कार्यक्रम बहुत अच्छा था। महिलाओं के लिए समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम जरूर होने चाहिए। - श्वेता गर्ग
- महिलाओं को जागरूक होना जरूरी है। ग्रामीण महिलाओं के लिए विशेषकर ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए। - पदम गुप्ता
- कार्यक्रम से आत्म विश्वास बढ़ा है। वास्तव में अपराजिता का अर्थ आज समझ में आया। - राधा गुप्ता
- अक्सर पर्स छीनने, चेन खींचने की घटनाएं सुनने में आती रहती हैं। आज बचाव करना सीख लिया। - रेनू अग्रवाल
- अपार्टमेंट के बच्चों के लिए भी व्यवस्था की जाएगी कि वह इस तरह के आत्मरक्षा के गुर सीख सकें। - खुशी खंडेलवाल
अपराजिता कार्यक्रम में बैग छीनने पर बचाव का अभ्यास करतीं महिलाएं। - फोटो : CITY OFFICE