हमारा पहला निर्णय प्रदेश के अंदर अवैध बूचड़खानों को बंद कराने का था। बेटियों की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन किया। 86 लाख किसानों को 36 हजार करोड़ रुपये का कर्जमाफी का निर्णय था। यानी कि हमारे निर्णय पशुपालकों, गरीबों और बेटियों के लिए समर्पित थे, जबकि समाजवादी पार्टी का पहला निर्णय क्या था। श्री रामजन्मभूमि पर आतंकी हमला करने वाले आतंकवादियों के मुकदमे वापस लेने का। आप देख सकते हैं फर्क साफ है। पांच साल में हमारी सरकार में एक भी दंगा नहीं हुआ, जबकि सपा सरकार के शासन में हर तीसरे दिन दंगा हुआ करता था।
कोई पर्व और त्योहार आता था तो दंगा शुरू हो जाता था। विकास कार्य ठप, सरकारी नौकरी निकलती थी तो चाचा-भतीजा वसूली पर निकल पड़ते थे, जबकि हमारी सरकार ने पांच लाख सरकारी नौकरी दे हैं। कोई शिकायत नहीं। समान तरीके से प्रदेश के नौजवानों को सरकारी नौकरी मिली। यह संबोधन शनिवार को रघुनाथ पैलेस में भाजपा संगठन और प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने दिया। मुख्यमंत्री ने यहां अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सपा सरकार से तुलना की और अंत में भाजपा प्रत्याशियों को जिताने में सहयोग मांगा।
मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि हमारी सरकार ने एक करोड़ 61 लाख नौजवानों को निजी क्षेत्र में निवेश और रोजगार उपलब्ध कराया। 60 लाख उद्यमों को एमएसएमई बैंकों के साथ जोड़कर सफल रोजगार से जोड़ने का काम किया। एक जनपद एक प्रकार की योजना अभिनव योजना है। आज यही उप्र जिसे कहा जा था कि यह कुछ नहीं कर सकता। एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट अलीगढ़ के बगल में ही बन रहा है। महाराजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर इसी अलीगढ़ में विश्वविद्यालय का निर्माण हमारी सरकार करा रही है। हर जनपद में एक मेडिकल कॉलेज बनाने की ओर हम अग्रसर हो गए हैं।
प्रदेश का पहला स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेजर ध्यानचंद के नाम पर मेरठ में स्थापित हो रहा है। मां शाकुंभरी के नाम पर सहारनपुर में एक राज्य विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है। फिल्म सिटी मुंबई में नहीं, अलीगढ़ के बगल में होगी। मेडिकल डिवाइस पार्क अब सिंगापुर नहीं, अलीगढ़ के बगल में होगा। फार्मा पार्क यमुना एक्सप्रेसवे अथोरिटी पर होगा। यही नहीं अब भारत रक्षा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। डिफेंस कॉरिडोर का एक नोड आपके अलीगढ़ में भी बन रहा है। ये काम पहले भी हो सकता था, लेकिन सोच ईमानदार नहीं थी। सोच होती है ईमानदार तो काम होता है दमदार।
इतना ही नहीं, गंगा एक्सप्रेसवे को भी तो हम यहीं से लेकर जा रहे हैं। मेरठ से प्रयागराज की दूरी मात्र चार से छह घंटे में पूरी कर देंगे। सुबह अलीगढ़ से बैठिए और शाम को प्रयागराज से स्नान करके वापस अलीगढ़ आ जाइए। ये है कार्य करने की एक व्यवस्था। उन्होंने कहा कि हमने इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी कार्य किया। गरीबों को शासन की योजनाओं के साथ जोड़ने का काम किया। युवाओं को नौकरी और रोजगार भी दिया। सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम भी दिया और पेशेवर माफिया गुंडों के ऊपर बुलडोजर चलाने पर भी संकोच नहीं किया। इसीलिए आपके पा आया हूं आपसे कहने के लिए।
अगर आपको लगता हैै कि प्रदेश के अंदर कानून का राज हो, हिस्ट्रीशीटर थानों का संचालन न करें। अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त न हो। भ्रष्टाचारियों पर प्रभारी अंकुश हो। माफिया के खिलाफ बुलडोजर चलता रहे। दंगाइयों को सख्त सजा हो। तुष्टीकरण की राजनीति न हो सके। सरकारी भर्ती में पारदर्शिता बनी रहे। गरीबों को किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े और बिजली निर्बाध 24 घंटे मिलती रहे। एक्सप्रेसवे की तरह जीवन की रफ्तार बढ़ती रहे। बहन बेटियों के सम्मान के साथ कोई गुंडा खिलवाड़ न कर सके। इंफलाइटिस जैसी बीमारियों का खात्मा हो और बेहतरीन कोरोना प्रबंधन आगे भी बना रहे। किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम मिल सके। हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खुल सके। निवेश आता रहे और उद्योगधंधे भी विकसित हो सकें और रोजगार भी सबको अपने घर के पास मिल सके।
इसीलिए आप सभी से अनुरोध करूंगा कि भाजपा प्रत्याशियों को विजयी बनाने के लिए अपना योगदान दें। यही अपील करने आपके बीच आया हूं। जनपद अलीगढ़ के अंदर शहर से मुक्ता राजा, कोल से अनिल पाराशर, छर्रा से रवेंद्रपाल सिंह, इगलास सुरक्षित सीट से राजकुमार सहयोगी, अतरौली से संदीप सिंह, बरौली से जयवीर सिंह और खैर विधानसभा से अनूप प्रधान को भाजपा से प्रत्याशी बनाया गया है। आप सभी भाजपा के योग्यतम प्रत्याशियों को विजयी बनाने में अपना योगदान दें और भाजपा की राष्ट्रवाद, सुशासन और विकास के मुद्दे पर प्रभावी कार्यवाही करने वाली सरकार प्रदेश के अंदर लाने में आप सभी अपना योगदान देंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन को विराम दिया।
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यह भी बोले मुख्यमंत्री
प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का कोरोना प्रबंधन दुनिया के लिए एक मिसाल बना है। 135 करोड़ की आबादी का भारत कोरोना प्रबंधन में दुनिया के लिए नजीर बना है। भारत के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में देश के अंदर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उत्तर प्रदेश की आबादी देश के किसी भी राष्ट्र की आबादी से कई गुना ज्यादा है। 25 करोड़ की आबादी को बचाने के लिए उप्र के अंदर सामूहिक रूप से हम लोगों ने शासन, प्रशासन, हेल्थ वर्कर, कोरोना वारियर्स, जनप्रतिनिधि और समाज के सहयोग से एक बेहतरीन मॉडल खड़ा किया।
उसकी देश में भी और दुनिया में सराहना हुई। आज वही कारण है कि पहली और दूसरी लहर में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद तीसरी लहर के दौरान भी उप्र कोविड प्रबंधन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका के साथ काम कर रहा है। आज देश के अंदर 160 करोड़ वैक्सीन डोज तो उत्तर प्रदेश में 24 करोड़ 14 लाख से अधिक वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराई जा चुकी है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारे वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई वैक्सीन की दुनिया के अंदर डिमांड है। फ्री वैक्सीन, सबको वैक्सीन, पर्याप्त वैक्सीन, जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं ली है। वह जरूर लगवा लें। कोरोना की हर लहर दूसरी लहर की तरह खतरनाक नहीं है, लेकिन सतर्कता और सावधानी जरूरी है। इसी का पालन कर हम कार्य करेंगे तो कोरोना की तीसरी लहर और ओमिक्रान वैरियंट साबित करता है कि कोविड हारेगा और भारत जीतेगा।
भारत जीतेगा.. ये भारत के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। कोरोना की गाइडलाइन का पालन हम सभी मिलकर करें। यही प्राथमिकता में होना चाहिए। चुनावों पर बात करते हुए कहा कि आप सभी प्रबुद्धजनों का अपना निर्णय और अपनी-अपनी भूमिका है। जैसी राय रखेंगे, समाज उसी के अनुसार आचरण करेगा। यह वही उत्तर प्रदेश है। 2017 के पहले जहां कानून का राज नहीं, बल्कि गुंडे अपराधी और दंगाइयों का राज हुआ करता था। उपद्रवियों का राज होता था। हर तीसरे दिन दंगा होता था। अराजकता चरम पर थी।
बहु बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। पर्व और त्योहार शांतिपूर्ण रूप से नहीं मनाए जाते थे। विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार का बोलबाला था। महापुरुषों का अपमान होता था। गरीबों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिलता था। भाइयों बहनों सामाजिक न्याय तो वह है। जो पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि अंत्योदय का नारा भी वास्तविक सामाजिक न्याय है। जिसमें समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति को शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचना है।
अनुमान कर सकते हैं कि पिछली सरकार के समय समाजवादी पार्टी की सरकार के समय पांच साल में 18 हजार लोगों को मकान सेंशन हुए और भाजपा सरकार में डबल इंजन की सरकार ने 5 साल में 43 लाख लोगों को एक-एक घर दे दिया। पहले मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक सत्ता में आते थे, पहले अपना घर बनाते थे। जबकि हमारे लिए गरीब महत्वपूर्ण था, दलित महत्वपूर्ण था, पिछड़ा वर्ग महत्वपूर्ण था। समाज के अंतिम पायदान पर बैठा वह व्यक्ति, जिसके सिर को ढकने के लिए छत नहीं थी। उसे छत देना हमारे लिए आवश्यक था। हमने 43 लाख लोगों को एक-एक आवास उपलब्ध करा दिए। 2 करोड़ 61 लाख गरीबों को स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत एक-एक शौचालय उपलब्ध करा दिया। इसने बीमारी के खर्चे को कम कर दिया। नौ करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री जन स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत, आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा का कवर, तीन करोड़ लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पांच लाख रुपये सालाना का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया है। एक करोड़ गरीबों को, जिसमें वृद्धजन है, विधवा महिलाएं हैं और दिव्यांगजन हैं। एक हजार रुपये की हर महीने पेंशन की शुरुआत करने का कार्य सरकार कर रही है।