शनिवार को शहर में हुई झमाझम बारिश और सफाई कर्मचारियों की काम बंद हड़ताल के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव के साथ कूड़ा सड़कों पर तैरने लगा। पहले से ही चरमरायी सफाई व्यवस्था के चलते बारिश के बाद सड़कों पर उफन कर आया कूड़ा राहगीरों के लिए मुसीबत बन गया।
भयंकर गंदगी के कारण शहर में पहले से ही संक्रामक रोग फैल रहे हैं। इस पर गंदगी ने बुरा हाल कर दिया है। बारिश के चलते शहर में देहली गेट, गूलर रोड, चरखवालान, शाहजमाल, खैर रोड, नगला मसानी, सराय लबरिया, सराय हकीम, लक्ष्मी पुरी, सराय रहमान, शिवपुरी, रघुवीर पुरी, सराय खिरनी, अचल ताल, मैरिस रोड, रामघाट रोड, श्याम नगर आदि इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। जलभराव के साथ ही लोगों को गंदगी से ज्यादा परेशानी हुई।
सफाई व्यवस्था ठप, सेवा भवन पर धरना
सफाई मजदूरों की भर्ती में आरक्षण को समाप्त किए जाने की मांग को लेकर शनिवार को सर्फाई कर्मियों ने शहर में सफाई का काम ठप कर दिया। शहर में जगह जगह पड़े कूडे़ के ढेर वहीं पड़े रहे। दोपहर में हुई बारिश से वही कूड़ा वह कर सड़क और गली में आ गया जिससे स्थिति और विकराल हो गई। दूसरी ओर गुस्साए सफाई कर्मियों ने नगर निगम के सेवाभवन कार्यालय पर धरना दिया।
वाल्मीकि समाज संघर्ष समिति के बैनर तले संयोजक अजय सहानी, सह संयोजक आनंद शास्त्री, नगर निगम सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष लालराम नंदा, महामंत्री सुनील टुंडा, राजकुमार खन्ना, विक्रांत त्यागी, शेखर जीवन, महेंद्र राठौर, डॉ. ज्ञानेंद्र दीवान, सुविन ठेकेदार, नगर निगम सफाई मजदूर संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप भंडारी, राधेलाल घूरी, बिजेंद्र सिंह सोटा, बाबा, बिल्लू चौहान आदि के साथ सैकड़ों सफाई कर्मी दोपहर को नगर निगम के सेवा भवन कार्यालय पहुंचे।
यहां पर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्होंने मांग की कि संविदा सफाई कर्मियों की भर्ती में आरक्षण समाप्त किया जाए। इसमें केवल वाल्मीकि समुदाय के लोगों की भर्ती की जाए। इस मैके पर प्रदीप भंडारी ने कहा कि सफाई कर्मियों की भर्ती में आरक्षण समाप्त होना चाहिए।