रामघाट रोड पर पीएसी के निकट गड्ढे में पलटा रिक्शा।
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रामघाट रोड पर पीएसी के पास पेट्रोल पंप के सामने जलभराव, गहरे गड्ढे, जाम की समस्या यथावत बनी हुई है। मंगलवार के अंक में ये समस्या प्रमुखता के साथ प्रकाशित होने के बाद पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर सुबह यहां जलभराव कम करने के लिए अस्थायी नाला खुदवाने पहुंचे तो इसका विरोध हो गया, लेकिन जेसीबी से पेट्रोल पंप के सामने नाला कई घंटों बाद खुद पाया, जिससे पानी निकलने की रफ्तार बहुत कम रही। इसलिए देर रात जलभराव बना रहा। इस दौरान पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के जवानों के पहुंचने से जाम नहीं लगा। वाहन एक के बाद एक निकलते रहे।
रामघाट रोड पर पीएसी के पास पेट्रोल पंप के सामने बीते दो महीने से सड़क पर पानी भरने से गहरे गड्ढे हो गए हैं। पीडब्ल्यूडी ने यहां गड्ढों को पाटने के लिए ईंटें डलवा दीं। जिससे ये गड्ढे और खतरनाक बन गए। बीते तीन दिन से हो रही बारिश के कारण यहां तालाब बन चुका है। लगभग डेढ़ से दो फुट तक पानी भर गया है। पानी भरे होने के कारण गड्ढे नहीं दिखते और वाहन सवार परेशान होते हैं। साइलेंसर में पानी भरने से दोपहिया वाहन बंद हो जाते हैं, ऐसे में सवार को उतरकर पानी में गाड़ी खींचनी पड़ती है। चौपहिया वाहन भी हिचकोले खाते निकलते हैं। आलम ये है कि बड़े वाहन भी इस रास्ते को छोड़ कर अब दूसरे रास्तों से निकल रहे हैं।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एके शर्मा ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए मंडलायुक्त गौरव दयाल ने पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण को पत्र लिखा है, जिससे जल्द से जल्द बजट मिल सके। शाम को सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने भी इस मामले में अपडेट लिया है। फिलहाल, बजट मंजूर होने तक यहां पर अस्थायी नाला दोनों ओर से खोद कर जलनिकासी का प्रबंध किया जा रहा है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी की एक टीम तैनात की गई है।
जेसीबी से अस्थायी नाला खोदने पर सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव के कार्यालय की ओर के कुछ स्थानीय निवासियों ने विरोध किया था। जिनको समझाया गया। इसके बाद काम शुरू हो सका है। अस्थायी नाला बनने के बाद गड्ढों को भरने का इंतजाम किया जाएगा। खड़ंजा बना कर वाहनों के निकलने का रास्ता बनाया जाएगा। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने बताया कि स्थानीय जिला प्रशासन और मंडल स्तर से इस हिस्से में स्थायी रूप से नाला बनाने और सड़क बनाने के लिए बजट की मंजूरी कराने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है, जिससे इसका स्थायी समाधान हो सके।