पिछले दो दिनों से हो रही रुक-रुककर बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं गुलाबी सर्दी ने भी दस्तक दे दी है। बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। जबकि शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव के चलते लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्कूल, कॉलेजों में बारिश के चलते अवकाश घोषित कर दिया गया। उधर, धनीपुर, खैर, इगलास, गभाना, छर्रा, अतरौली, हरदुआगंज समेत तमाम अनाज मंडियों में खुले में रखा खाद्यान्न भीग जाने से किसानों एवं अनाज व्यापारियों को नुकसान हुआ है। आमतौर पर मानसून 15 सितंबर को खत्म हो जाता है, लेकिन इस बार साईक्लोन बंगाल की खाड़ी में कई दिनों तक बना होने से जिले में रविवार को भारी बारिश का अनुमान है।
शुक्रवार रात हुई बारिश से शहर के विद्यानगर, स्वर्ण जयंती नगर, किशनपुर, मानसरोवर, ज्ञानसरोवर, सौ फुटा रोड, रामघाट रोड, मीनाक्षी पुल, मैरिस रोड, सेंटर प्वाइंट, स्टेशन रोड, गुरुद्वारा रोड, सुदामापुरी, विष्णुपुरी, दीवानी, तस्वीर महल चौराहा, मामूभांजा, महेंद्र नगर, रावणटीला, सुरेंद्र नगर, गोविंद नगर आदि समेत कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया। कई दुकानों व मकानों में भी बारिश का पानी घुसने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार के बाद शनिवार सुबह से देर रात तक रुक-रुककर बारिश होती रही।
उधर, मौसम विभाग ने रविवार को गरज के साथ बारिश एवं बिजली गिरने की भी आशंका व्यक्त की है। सोमवार से तीन दिन तक हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार बारिश की वायुमंडलीय परिस्थितियां अभी भी बनी हुई। बंगाल की खाड़ी के मध्य में एक हवा के कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।