कोर्ट के आदेशों की हो रही थी अवहेलना
सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप वर्मा ने बताया कि गोदाम संचालन में शासनादेश एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की जा रही थी। एसिड अटैक की बढ़ती घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों में साफ है कि तेजाब की बिना लाइसेंस कहीं भी बिक्री नहीं की जा सकती है। खासकर आबादी वाले क्षेत्र में इसका भंडारण नहीं किया जा सकता, लेकिन दोनों ही स्थानों पर नियमों के खिलाफ भंडारण करने के साथ ही उसकी बिक्री भी हो रही थी। तेजाब को जब्त कर लिया गया है।
प्रशासन बेखबर, शहर में बेखौफ बिक रहा तेजाब
भले ही प्रशासन ने शनिवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए आबादी क्षेत्र में तेजाब का भंडारण पकड़ा हो, लेकिन शहर में कई स्थानों पर इसकी खुलेआम बिक्री हो रही है। इस पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन को अभी और कार्रवाई करनी होगी।
एसिड अटैक की बढ़ती घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है। पुलिस-प्रशासन की अनदेखी से दुकानों पर तेजाब की खुलेआम बिक्री हो रही है। दुकानदार नमक का तेजाब होने की बात कहकर असली तेजाब बेच रहे हैं।
उद्योगों की आड़ में शहर के कई इलाकों में इसकी खुलेआम बिक्री हो रही है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति आसानी से तेजाब खरीद सकता है। तेजाब के हमले में मौत होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसकी बिक्री पर पूर्ण रोक लगाने के साथ ही कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। कोर्ट के इस आदेश पर प्रशासन ने कुछ समय तक तो सख्ती बरती पर धीरे-धीरे यह सख्ती खत्म हो गई है।
इससे दुकानों में पहले की तरह ही तेजाब की बिना किसी रोक-टोक के बिक्री होने लगी है। दुकानदार शौचालय साफ करने के लिए नमक का तेजाब बताकर असली तेजाब बेच रहे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप वर्मा ने बताया कि तेजाब की बिक्री कर रही ऐसी दुकानों पर जांच के बाद कार्रवाई की जा रही है। 24 मई को भी देहलीगेट क्षेत्र में एक गोदाम में करीब दो लाख लीटर तेजाब का गोदाम पकड़ा गया था।